"IPO सिर्फ एक पड़ाव है, एग्जिट नहीं": Urban Company में एक भी शेयर नहीं बेच रहा Prosus India
"IPO सिर्फ एक पड़ाव है, एग्जिट नहीं": Urban Company में एक भी शेयर नहीं बेच रहा Prosus India
मोबाइल ऐप-आधारित होम services platform Urban Company का ₹1,900 करोड़ का IPO कल, 10 सितंबर को खुल रहा है। इस IPO के लॉन्च से पहले, कंपनी के प्रमुख निवेशक प्रोसेस इंडिया (Prosus India) ने एक बड़ा बयान दिया है। प्रोसेस इंडिया के हेड ऑफ इंडिया इकोसिस्टम, अशुतोष शर्मा, ने साफ किया है कि अर्बन कंपनी का IPO उनके लिए किसी तरह का एग्जिट (निवेश से बाहर निकलना) नहीं है। बल्कि, वे कंपनी में अपना निवेश जारी रखेंगे, जिससे यह एक लंबी अवधि की साझेदारी साबित होगी।
लिस्टिंग के बाद भी जारी रहेगा सफर
शर्मा ने बताया कि अर्बन कंपनी, स्विगी (Swiggy) और ब्लूस्टोन (Bluestone) जैसी कंपनियों की लिस्टिंग उनके लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, लेकिन उनका फोकस सिर्फ IPO तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रोसेस इंडिया अभी भी भारत में निवेश के लिए पूरी तरह से तैयार है। पिछले एक साल में कंपनी ने फाइनेंशियल सर्विसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे नए सेक्टर्स में भी कदम रखा है।
लंबी अवधि के लिए भारत पर भरोसा
शर्मा ने भू-राजनीतिक बदलावों और टैरिफ की चिंताओं को दरकिनार करते हुए कहा कि प्रोसेस इंडिया भारत को 10-25 साल के नजरिए से देखता है। उनका मानना है कि लंबी अवधि में देश की ग्रोथ ही सबसे महत्वपूर्ण कारक है। "जो निवेशक 3-4 साल की सोच रखते हैं, वे छोटे राजनीतिक बदलावों से घबरा सकते हैं, लेकिन हमारे लिए यह मायने नहीं रखता। हम भारतीय बाजार के दीर्घकालिक भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं," उन्होंने कहा।
फाउंडर्स के लिए नई चुनौती
शर्मा ने यह भी बताया कि IPO के बाद फाउंडर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने बिजनेस मॉडल को हजारों नए निवेशकों को समझाना होता है। अर्बन कंपनी जैसी फर्म का कोई सीधा वैश्विक उदाहरण नहीं है, इसलिए निवेशकों को ऑन-डिमांड सर्विसेज, क्वालिटी कंट्रोल और ग्रोथ इंजन के बारे में विस्तार से बताना पड़ता है।
इसके अलावा, लिस्टिंग के बाद फाउंडर्स को लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों और शॉर्ट-टर्म मार्केट परिणामों के बीच संतुलन बनाना भी सीखना होगा। यह एक नई जिम्मेदारी है, जो उन्हें रोज निभानी पड़ती है।
प्रोसेस इंडिया का यह रुख निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि अर्बन कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है और इसके बड़े निवेशकों को इसके भविष्य पर पूरा भरोसा है।

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