तिलकनगर इंडस्ट्रीज का शेयर 8% उछला: कल बोर्ड मीटिंग में फंड जुटाने पर विचार, सबकी निगाहें 'इंपीरियल ब्लू' डील पर!

तिलकनगर इंडस्ट्रीज का शेयर 8% उछला: कल बोर्ड मीटिंग में फंड जुटाने पर विचार, सबकी निगाहें 'इंपीरियल ब्लू' डील पर!


भारत की सबसे अधिक बिकने वाली और विश्व स्तर पर दूसरी सबसे बड़ी ब्रांडी, 'मैनशन हाउस' की निर्माता, तिलकनगर इंडस्ट्रीज (Tilaknagar Industries) का शेयर आज, 22 जुलाई को लगभग 8% की जोरदार बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। यह उछाल ऐसे समय में आया है जब कंपनी का बोर्ड कल, 23 जुलाई को, बाजार से धन जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए बैठक करेगा। इस बैठक पर पूरे शराब उद्योग की करीबी नजर है, खासकर इस सेक्टर में चल रही विलय एवं अधिग्रहण (M&A) की तीव्र प्रतिस्पर्धा के बीच।


'इंपीरियल ब्लू' अधिग्रहण की अटकलें तेज

7 जुलाई को मनीकंट्रोल ने सबसे पहले यह एक्सक्लूसिव जानकारी दी थी कि तिलकनगर इंडस्ट्रीज ने अन्य दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए, फ्रांसीसी शराब दिग्गज Pernod Ricard के मालिकाना हक वाली प्रतिष्ठित इंपीरियल ब्लू व्हिस्की (Imperial Blue Whisky) के अधिग्रहण के लिए विशेष बातचीत शुरू कर दी है।


मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में आगे कहा गया था कि अगर बातचीत योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो इस महीने के अंत तक दोनों पक्षों के बीच अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह भी बताया गया था कि तिलकनगर इंडस्ट्रीज इस प्रस्तावित सौदे के लिए डेट और इक्विटी के मिश्रण (Mix of Debt and Equity) से धन जुटाने की योजना पर काम कर रही है। कल की बोर्ड मीटिंग में इसी फंड जुटाने की रणनीति पर मुहर लग सकती है।


फंड जुटाने के तरीके और कानूनी जीत

तिलकनगर इंडस्ट्रीज द्वारा बोर्ड बैठक के लिए किए गए खुलासे में बताया गया है कि फंड जुटाने का काम विभिन्न तरीकों से किया जाएगा, जिनमें शेयर, डिबेंचर, वारंट, प्रेफरेंशियल शेयर, बॉन्ड या अन्य वित्तीय इंस्ट्रूमेंट्स जारी करना शामिल है। यह प्रक्रिया पब्लिक ऑफर, राइट्स इश्यू, प्राइवेट प्लेसमेंट, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) या इनके मिश्रण जैसे मान्यता प्राप्त तरीकों से एक या अधिक किस्तों में पूरी की जा सकती है।


इसके अलावा, तिलकनगर इंडस्ट्रीज ने हाल ही में एक ट्रेडमार्क मामले में अपनी महत्वपूर्ण कानूनी जीत का भी ऐलान किया था, जिससे कंपनी की बाजार में स्थिति और मजबूत हुई है।


शेयर का शानदार प्रदर्शन और उद्योग का बड़ा अधिग्रहण

पिछले पांच कारोबारी सत्रों में तिलकनगर इंडस्ट्रीज के शेयर 22% से अधिक भागे हैं, जो बाजार में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। भारतीय शराब उद्योग में आखिरी बड़ा अधिग्रहण 2014 में हुआ था, जब डियाजियो (Diageo) ने लगभग $1.9 बिलियन में यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Spirits) का अधिग्रहण किया था। 'इंपीरियल ब्लू' का संभावित अधिग्रहण अगर हकीकत बनता है, तो यह भारतीय शराब बाजार में एक और बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

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