IPO निवेशकों को लगा बड़ा झटका: अबरिल पेपर के ₹61 के शेयर ₹46 पर लिस्ट, पहले ही दिन डूबी 24% पूंजी

IPO निवेशकों को लगा बड़ा झटका: अबरिल पेपर के ₹61 के शेयर ₹46 पर लिस्ट, पहले ही दिन डूबी 24% पूंजी



आईपीओ बाजार में हमेशा लिस्टिंग गेन की उम्मीद लिए बैठे निवेशकों को आज एक बड़ा झटका लगा है। कागज बनाने वाली कंपनी अबरिल पेपर टेक के शेयर BSE के SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए। जिन निवेशकों ने ₹61 प्रति शेयर के भाव पर पैसा लगाया था, उन्हें लिस्टिंग पर ही 20% का नुकसान हुआ। सुबह ₹48.80 पर लिस्ट होने के बाद, शेयर और गिरकर ₹46.37 पर आ गया, जिससे निवेशकों को कुल 24% का घाटा उठाना पड़ा।


निवेशकों का ताबड़तोड़ रिस्पांस, फिर भी डूबे पैसे

अबरिल पेपर के आईपीओ को निवेशकों ने शानदार रिस्पांस दिया था। यह आईपीओ 11.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें खुदरा निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया था और उनका हिस्सा 16.79 गुना भरा था। इस उत्साह के पीछे कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और विकास की संभावनाएं थीं। पिछले वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 51.61% बढ़कर ₹1.41 करोड़ हो गया था, और कुल आय में भी 142.38% की जोरदार वृद्धि देखी गई थी।


कंपनी का आईपीओ और भविष्य की योजनाएं

अबरिल पेपर ने अपने ₹13.42 करोड़ के आईपीओ से ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22 लाख नए शेयर जारी किए थे। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी मशीनरी खरीदने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। गुजरात के पलसाना में स्थित यह कंपनी सबलीमेशन हीट ट्रांसफर पेपर बनाती है, जिसका इस्तेमाल टेक्सटाइल, होजरी, और फर्नीचर जैसे उद्योगों में होता है।


हालांकि कंपनी की वित्तीय सेहत अच्छी दिख रही है, लेकिन शेयर की खराब लिस्टिंग ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यह एक बार फिर साबित करता है कि सिर्फ मजबूत सब्सक्रिप्शन ही लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं है। निवेशकों को किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले गहन रिसर्च और मूल्यांकन करना चाहिए।


IPO निवेशकों को लगा बड़ा झटका: अबरिल पेपर के ₹61 के शेयर ₹46 पर लिस्ट, पहले ही दिन डूबी 24% पूंजी

आईपीओ बाजार में हमेशा लिस्टिंग गेन की उम्मीद लिए बैठे निवेशकों को आज एक बड़ा झटका लगा है। कागज बनाने वाली कंपनी अबरिल पेपर टेक के शेयर BSE के SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए। जिन निवेशकों ने ₹61 प्रति शेयर के भाव पर पैसा लगाया था, उन्हें लिस्टिंग पर ही 20% का नुकसान हुआ। सुबह ₹48.80 पर लिस्ट होने के बाद, शेयर और गिरकर ₹46.37 पर आ गया, जिससे निवेशकों को कुल 24% का घाटा उठाना पड़ा।


निवेशकों का ताबड़तोड़ रिस्पांस, फिर भी डूबे पैसे

अबरिल पेपर के आईपीओ को निवेशकों ने शानदार रिस्पांस दिया था। यह आईपीओ 11.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें खुदरा निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया था और उनका हिस्सा 16.79 गुना भरा था। इस उत्साह के पीछे कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और विकास की संभावनाएं थीं। पिछले वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 51.61% बढ़कर ₹1.41 करोड़ हो गया था, और कुल आय में भी 142.38% की जोरदार वृद्धि देखी गई थी।


कंपनी का आईपीओ और भविष्य की योजनाएं

अबरिल पेपर ने अपने ₹13.42 करोड़ के आईपीओ से ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22 लाख नए शेयर जारी किए थे। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी मशीनरी खरीदने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। गुजरात के पलसाना में स्थित यह कंपनी सबलीमेशन हीट ट्रांसफर पेपर बनाती है, जिसका इस्तेमाल टेक्सटाइल, होजरी, और फर्नीचर जैसे उद्योगों में होता है।


हालांकि कंपनी की वित्तीय सेहत अच्छी दिख रही है, लेकिन शेयर की खराब लिस्टिंग ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यह एक बार फिर साबित करता है कि सिर्फ मजबूत सब्सक्रिप्शन ही लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं है। निवेशकों को किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले गहन रिसर्च और मूल्यांकन करना चाहिए।

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