इंफोसिस का पांचवा बायबैक: क्या इस बार भी मिलेगा निवेशकों को फायदा?
इंफोसिस का पांचवा बायबैक: क्या इस बार भी मिलेगा निवेशकों को फायदा?
भारतीय आईटी दिग्गज इंफोसिस (Infosys) एक बार फिर शेयर बायबैक की तैयारी में है, जिसकी खबर से आज, 10 सितंबर को, इसके शेयर 5% उछलकर निफ्टी 50 के टॉप गेनर बन गए। यह खबर निवेशकों के लिए काफी अहम है क्योंकि इंफोसिस की बोर्ड बैठक 11 सितंबर को होने वाली है, जिसमें इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। 1993 में लिस्टिंग के बाद यह कंपनी का पांचवा बायबैक होगा।
सवाल यह है कि क्या पिछले बायबैक की तरह इस बार भी निवेशकों को फायदा होगा? आइए, इंफोसिस के पिछले चार बायबैक के बाद के प्रदर्शन पर एक नज़र डालते हैं:
पिछले बायबैक और शेयरों का प्रदर्शन:
अक्टूबर 2022: कंपनी ने ओपन मार्केट से ₹9300 करोड़ के शेयर वापस खरीदने का फैसला किया था। इस घोषणा के बाद, शेयर एक हफ्ते में 4.7% गिरा, लेकिन बाद में रिकवर होकर तीन महीने में लगभग फ्लैट रहा।
अप्रैल 2021: इस बायबैक में ₹9200 करोड़ के शेयरों को वापस खरीदने का ऐलान हुआ था। घोषणा के एक हफ्ते में शेयर 2.3% चढ़ा, लेकिन तीन महीने के अंत में नकारात्मक रिटर्न दिया।
जनवरी 2019: यह सबसे छोटा बायबैक था, जिसमें ₹8260 करोड़ के शेयर खरीदे गए। घोषणा के बाद एक महीने तक शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं आया, लेकिन तीन महीने के बाद निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला।
अगस्त 2017: लिस्टिंग के बाद यह पहला बायबैक था, जिसमें कंपनी ने ₹13,000 करोड़ के शेयर वापस खरीदे थे। इस दौरान शेयरों पर खास असर नहीं पड़ा और तीन महीने का रिटर्न काफी कम रहा।
इस बार क्या है उम्मीद?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंफोसिस इस बार ₹10,000 से ₹14,000 करोड़ तक का बायबैक ला सकती है। ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनले (Morgan Stanley) ने अनुमान लगाया है कि बायबैक का भाव मौजूदा स्तर से 18%-25% ऊपर हो सकता है।
हालांकि, जून 2025 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग सिर्फ 14.6% है, और इसका फ्री फ्लोट काफी बड़ा है। इसलिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह बायबैक शेयरों की चाल को लंबी अवधि तक प्रभावित कर पाता है या नहीं।

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