भूटान में अदाणी पावर का ₹6,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, वांगचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना से स्टॉक में होगी हलचल
भूटान में अदाणी पावर का ₹6,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, वांगचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना से स्टॉक में होगी हलचल
अदाणी ग्रुप ने अपनी शक्ति का विस्तार हिमालयी राष्ट्र भूटान तक कर लिया है। अदाणी पावर ने शनिवार को घोषणा की कि उसने भूटान की सरकारी बिजली कंपनी, ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (Druk Green Power Corp), के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, कंपनी भूटान में 570 मेगावॉट की वांगचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना स्थापित करेगी, जिसमें लगभग ₹6,000 करोड़ का निवेश होगा।
BOOT मॉडल पर काम करेगा प्रोजेक्ट
यह परियोजना BOOT (बिल्ड, ओन, ऑपरेट, ट्रांसफर) मॉडल पर आधारित होगी। इसका मतलब है कि अदाणी पावर इस परियोजना का निर्माण करेगी, उसका स्वामित्व रखेगी और उसे चलाएगी। एक निश्चित अवधि के बाद, इसका स्वामित्व भूटान सरकार को सौंप दिया जाएगा। इस समझौते पर भूटान के प्रधानमंत्री दशो त्शेरिंग टोबगे और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।
भारत और भूटान दोनों को होगा फायदा
यह परियोजना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। अदाणी पावर के सीईओ एस.बी. ख्यालिया ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सर्दियों में भूटान की बिजली की मांग को पूरा करने में मदद करेगा। इसके अलावा, गर्मियों में उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली को भारत को निर्यात किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ेगा।
इस परियोजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी है। निर्माण कार्य 2026 की पहली छमाही में शुरू होने की उम्मीद है, और इसे ग्राउंडब्रेकिंग के पांच साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टॉक पर रहेगी नज़र
इस बड़ी खबर के चलते, सोमवार को अदाणी पावर के शेयरों पर निवेशकों की खास नज़र रहेगी। शुक्रवार को ₹610.30 पर बंद हुआ यह स्टॉक, इस साल अब तक करीब 25% की तेजी दिखा चुका है। यह नया प्रोजेक्ट कंपनी के पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगा और भविष्य में इसकी ग्रोथ को गति दे सकता है।
भूटान में यह हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना न केवल अदाणी ग्रुप के लिए एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भारत और भूटान के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का भी प्रतीक है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें