इन 6 सरकारी बैंकों में आ सकता है ₹7,900 करोड़ का विदेशी निवेश: बस एक सरकारी मंजूरी का इंतजार

इन 6 सरकारी बैंकों में आ सकता है ₹7,900 करोड़ का विदेशी निवेश: बस एक सरकारी मंजूरी का इंतजार



भारतीय सरकारी बैंकों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की हिस्सेदारी बढ़ाने के एक प्रस्ताव से शेयर बाजार में हलचल मच गई है। सरकार इन बैंकों में FIIs की अधिकतम हिस्सेदारी की सीमा को 20% से बढ़ाकर 26% करने पर विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो देश के 6 प्रमुख सरकारी बैंकों में ₹7,900 करोड़ का पैसिव निवेश आ सकता है।


ब्रोकरेज फर्म नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है। यह कदम 'मेक इन इंडिया' के साथ-साथ 'इन्वेस्ट इन इंडिया' को भी बढ़ावा देगा और इन बैंकों की वैश्विक साख को बढ़ाएगा।


एक 'हां' और ₹7,900 करोड़ का निवेश

इस संभावित बदलाव का सबसे बड़ा असर वैश्विक सूचकांकों (Indices) पर पड़ेगा। जब किसी कंपनी में FII की निवेश सीमा बढ़ती है, तो MSCI जैसे ग्लोबल इंडेक्स फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में उस कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ानी पड़ती है। नुवामा के अनुसार, इन 6 बैंकों में MSCI इंडेक्स के जरिए 90 करोड़ डॉलर (करीब ₹7,900 करोड़) से अधिक का निवेश आ सकता है। यह एक बड़ा और स्थिर इनफ्लो होगा, जो इन शेयरों की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।


किन बैंकों पर होगी विदेशी निवेशकों की नजर?

यह रहा उन 6 सरकारी बैंकों का ब्यौरा जिनमें यह बड़ा निवेश आने की संभावना है:


स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): देश के सबसे बड़े बैंक में फिलहाल FIIs की हिस्सेदारी करीब 10% है। सीमा बढ़ने पर इसमें $46.5 करोड़ का निवेश आ सकता है। शेयर फिलहाल अपने 52-वीक हाई के पास कारोबार कर रहा है।


बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB): भारत के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक में अभी FIIs की हिस्सेदारी 8% है। यह सीमा 26% होने पर इसमें करीब $7.6 करोड़ का निवेश आ सकता है।


पंजाब नेशनल बैंक (PNB): पीएनबी में फिलहाल FIIs की हिस्सेदारी लगभग 6% है। इसमें भी BoB की तरह लगभग $7.6 करोड़ का पैसिव निवेश मिल सकता है।


केनरा बैंक (Canara Bank): इस बैंक में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 11% है। नुवामा के अनुमान के मुताबिक इसमें करीब $6.4 करोड़ का निवेश आ सकता है।


यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank): विदेशी निवेशकों की 7.7% हिस्सेदारी वाला यह बैंक FIIs लिमिट बढ़ने पर $6.2 करोड़ का अतिरिक्त निवेश आकर्षित कर सकता है।


इंडियन बैंक (Indian Bank): यह बैंक MSCI इंडेक्स में शामिल होने का नया उम्मीदवार हो सकता है। अगर FIIs की सीमा बढ़ाई गई तो बैंक में $17.7 करोड़ का बड़ा निवेश आ सकता है।


आगे क्या?

सरकार का यह कदम इन सरकारी बैंकों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह न केवल इनकी बैलेंस शीट को मजबूत करेगा बल्कि इनकी मार्केट वैल्यू को भी बढ़ाएगा। इन बैंकों के शेयर पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, और यह खबर उन्हें और भी तेजी दे सकती है। निवेशकों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी है।

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