अगर म्यूचुअल फंड नहीं होते, तो 20-30% टूट जाता भारतीय बाज़ार: क्रिस वुड

अगर म्यूचुअल फंड नहीं होते, तो 20-30% टूट जाता भारतीय बाज़ार: क्रिस वुड



भारतीय शेयर बाज़ार में इस साल हुई स्थिरता के पीछे एक बड़ा कारण घरेलू निवेशकों का बढ़ता भरोसा है। जेफरीज के इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट और मशहूर 'ग्रीड एंड फियर' रिपोर्ट के लेखक क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि अगर म्यूचुअल फंडों का समर्थन नहीं होता, तो विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भारतीय बाज़ार इस साल 20-30% तक गिर जाता।

'स्वस्थ कंसॉलिडेशन' और महंगे वैल्यूएशन

वुड के अनुसार, भारतीय बाज़ारों का अन्य एशियाई बाज़ारों की तुलना में कमज़ोर प्रदर्शन घरेलू कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन के कारण हुआ है। उन्होंने इस स्थिति को एक 'हेल्दी कंसॉलिडेशन' बताया, जिसके 2025 के बाकी समय में भी जारी रहने की संभावना है। यह कंसॉलिडेशन बाज़ार को भविष्य में बड़ी उछाल के लिए तैयार कर रहा है।

घरेलू निवेशकों का मजबूत सहारा

क्रिस वुड ने बताया कि इस साल लगातार 25वें महीने घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) शुद्ध खरीदार बने रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में उनका शुद्ध निवेश 37.6 अरब डॉलर रहा। इसके विपरीत, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) 1.5 अरब डॉलर के शुद्ध बिकवाल रहे हैं, जिन्होंने जुलाई और अगस्त में ही 6 अरब डॉलर की बिकवाली की। घरेलू निवेशकों का यह मजबूत समर्थन बाज़ार के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है।

अगले साल बाज़ार में आएगी तेजी

वुड ने उम्मीद जताई है कि अगले साल भारतीय बाज़ार में तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए हैं:

सरकारी नीतियां: केंद्रीय बजट में आयकर कटौती और जीएसटी में सुधार से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

ब्याज दरों में कमी: ब्याज दरों में कमी से अर्थव्यवस्था को और बढ़ावा मिलेगा।

जीडीपी ग्रोथ: वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की नॉमिनल जीडीपी में 8.8% की बढ़ोतरी हुई है, जो उम्मीद से ज्यादा है और भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है।

वुड का कहना है कि भारत पर लगाए गए किसी भी ट्रंप टैरिफ का समाधान भी बाज़ार के लिए एक सकारात्मक ट्रिगर साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, भारतीय बाज़ार भले ही अभी धीमा चल रहा हो, लेकिन इसकी नींव मजबूत है और आने वाले समय में बड़ी ग्रोथ के लिए तैयार है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IPO से पहले Lenskart को 'सुपर-विजन': फिडेलिटी ने $6.1 अरब पर आंका वैल्यूएशन, क्या है खास?

जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए वेदांता की ₹17,000 करोड़ की बोली, Adani Group को पछाड़कर मारी बाजी

साइबर हमले ने Jaguar Land Rover का पूरा मुनाफा किया खत्म, Tata Motors के शेयर 3% से ज्यादा लुढ़के