इंडेक्स में भारी बदलाव की तैयारी में SEBI, Bank Nifty की अस्थिरता कम होने की उम्मीद
इंडेक्स में भारी बदलाव की तैयारी में SEBI, Bank Nifty की अस्थिरता कम होने की उम्मीद
भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने इंडेक्स में शेयरों के ज्यादा वेटेज से होने वाले उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सेबी ने नॉन-बेंचमार्क इंडेक्स (Non-Benchmark Index) के लिए एक कंसलटेशन पेपर जारी किया है, जिसमें इंडेक्स की स्थिरता बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव दिए गए हैं. इस कदम का सीधा असर बैंक निफ्टी जैसे उन इंडेक्स पर पड़ेगा जहां कुछ शेयरों का प्रभुत्व बहुत ज्यादा है.
सेबी के प्रमुख प्रस्ताव और उनका उद्देश्य
सेबी ने अपने कंसलटेशन पेपर में इंडेक्स की संरचना को संतुलित करने के लिए कुछ प्रमुख नियम प्रस्तावित किए हैं:
अधिकतम शेयर संख्या: इंडेक्स में कम से कम 14 शेयर होने चाहिए.
वेटेज की सीमा: किसी भी एक शेयर का वेटेज 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
टॉप 3 शेयरों की सीमा: इंडेक्स में सबसे ऊपर के तीन शेयरों का कुल वेटेज 45 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी इंडेक्स कुछ ही शेयरों पर अत्यधिक निर्भर न हो, जिससे उसकी अस्थिरता कम हो सके.
बैंक निफ्टी पर संभावित असर
वर्तमान में, बैंक निफ्टी (Bank Nifty) में कुछ बड़े बैंकों का प्रभुत्व बहुत ज्यादा है. HDFC बैंक का वेटेज 29.09% और ICICI बैंक का 26.47% है, जिससे इन दोनों का कुल वेटेज ही 55% से अधिक हो जाता है. इस वजह से, जब भी इन दो शेयरों में बड़ा उतार-चढ़ाव आता है, तो पूरे इंडेक्स में भारी अस्थिरता देखने को मिलती है.
सेबी के प्रस्तावों के लागू होने के बाद, इन बैंकों के वेटेज को कम करना होगा, जिससे इंडेक्स अधिक संतुलित और कम अस्थिर हो जाएगा. इसका फायदा निवेशकों को मिलेगा, क्योंकि इससे बाजार में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव की संभावना कम होगी. सेबी ने इन प्रस्तावों पर 8 सितंबर तक सभी संबंधित पक्षों से राय मांगी है.

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