CMR Green Technologies का फिर से IPO आवेदन, जानिए क्यों खास है यह पब्लिक इश्यू?
CMR Green Technologies का फिर से IPO आवेदन, जानिए क्यों खास है यह पब्लिक इश्यू?
नॉन-फेरस मेटल की रीसाइक्लिंग करने वाली कंपनी CMR ग्रीन टेक्नोलॉजीज ने एक बार फिर से IPO के लिए सेबी के पास आवेदन किया है। खास बात यह है कि यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इस इश्यू से कोई पैसा नहीं मिलेगा। यह पूरी राशि मौजूदा प्रमोटरों और निवेशक ग्लोबल स्क्रैप प्रोसेसर्स को मिलेगी, जो कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
क्या है कंपनी का पिछला इतिहास?
यह CMR ग्रीन टेक्नोलॉजीज का IPO लाने का दूसरा प्रयास है। इससे पहले, कंपनी ने सितंबर 2021 में ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था, जिसे फरवरी 2022 में सेबी ने मंजूरी भी दे दी थी। हालांकि, कंपनी एक साल की तय समय-सीमा के भीतर अपना IPO लॉन्च नहीं कर पाई, जिसके कारण उसकी मंजूरी रद्द हो गई थी। इस बार, कंपनी सिर्फ ऑफर फॉर सेल (OFS) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कंपनी का कारोबार और वित्तीय स्थिति
2005 में स्थापित, CMR ग्रीन रीसाइकिलिंग के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी है। यह रीसाइकिल्ड एल्यूमीनियम, जिंक एलॉय और स्टेनलेस स्टील, तांबा और पीतल जैसे अन्य धातुओं से बने प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का दावा है कि वित्तीय वर्ष 2025 में भारतीय सेकेंडरी एल्यूमीनियम बाजार में इसकी सबसे बड़ी हिस्सेदारी थी।
वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025 में ₹155 करोड़ का मुनाफा कमाया। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2024 में ₹1,239.6 करोड़ के एक-मुश्त घाटे के कारण इसे ₹838.6 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था। बाजार में इसकी टक्कर पॉंडी ऑक्साइड्स और ग्रेविटा इंडिया जैसी सूचीबद्ध कंपनियों से है।
कंपनी ने इक्विरस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स को IPO का प्रबंधन करने के लिए मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कंपनी अपने IPO को सफलतापूर्वक लॉन्च कर पाती है या नहीं।

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