अनाप-शनाप निवेश सलाह देने वालों की अब खैर नहीं! SEBI का 'सख्त कदम', Google-Telegram से चल रही बात!
अनाप-शनाप निवेश सलाह देने वालों की अब खैर नहीं! SEBI का 'सख्त कदम', Google-Telegram से चल रही बात!
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर अनाप-शनाप सलाह देकर भोले-भाले निवेशकों को गुमराह करने वालों का 'धंधा' अब बंद होने वाला है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) अनरजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट और स्टॉक मार्केट एडवर्टाइजर्स की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए कमर कस चुका है। इस दिशा में सेबी, गूगल और टेलीग्राम जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।
सेबी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। पिछले कुछ समय से यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गलत निवेश टिप्स देने वाले लोगों के खिलाफ कई सख्त कदम उठाता रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स कर रहे सेबी की मदद
मनीकंट्रोल के एक सवाल के जवाब में सेबी ने कहा, "हम उन सभी लोगों का शुक्रगुजार हैं जो इस जोखिम को घटाने में हमारा सहयोग कर रहे हैं। इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से बातचीत चल रही है।" नियामक ने बताया कि अनरजिस्टर्ड 'फिनफ्लूएंसर्स' (वित्तीय प्रभाव डालने वाले) की तरफ से दी जा रही निवेश की सलाह पर रोक लगाने के लिए एक बहुआयामी रणनीति अपनाई गई है। इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ सहयोग भी शामिल है।
सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इस मामले में सेबी की मदद कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस समस्या को खत्म करने के लिए जल्द अपनी तरफ से कुछ उपाय लागू करेंगे। दरअसल, अनरजिस्टर्ड फिनफ्लूएंसर्स इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करते हैं, जिससे न केवल भोले-भाले निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान होता है, बल्कि इन प्लेटफॉर्म्स की साख को भी चोट पहुँचती है। एक सूत्र ने यह भी संकेत दिया कि जो प्लेटफॉर्म इस मामले में सहयोग नहीं करेंगे, उन्हें भविष्य में सेबी के तहत आने वाली संस्थाओं से बिजनेस नहीं मिलेगा, जिससे उन पर अनुपालन का दबाव बढ़ेगा।
'अनजान' शेयरों में निवेश की सलाह: फ्रॉड का नया तरीका
गूगल और टेलीग्राम ने इस बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है। हालांकि, सेबी के हाल ही में जारी कई ऑर्डर्स से यह स्पष्ट होता है कि धोखाधड़ी करने वाले लोग निवेशकों को फंसाने के लिए यूट्यूब, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप जैसे चैनलों का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं। ये लोग किसी खास स्टॉक का प्रचार करने या उसके बारे में झूठी कहानियाँ फैलाने के लिए यूट्यूब वीडियो का सहारा लेते हैं। अक्सर ऐसी कंपनियों में निवेशकों को पैसे लगाने की सलाह दी जाती है, जिनके बारे में कोई नहीं जानता या जिनके व्यापार के बारे में कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं होती।
सेबी का यह कदम निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाजार में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। देखना होगा कि यह नई रणनीति कितनी प्रभावी साबित होती है।

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