RBL बैंक के शेयर धड़ाम: 4 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, इस 'सफाई' ने इंट्रा-डे हाई से 5% तोड़ा भाव!
RBL बैंक के शेयर धड़ाम: 4 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, इस 'सफाई' ने इंट्रा-डे हाई से 5% तोड़ा भाव!
लगातार चार कारोबारी दिनों की शानदार तेजी के बाद, आज RBI BANK के Share अचानक औंधे मुँह गिर गए। बैंक द्वारा हिस्सेदारी की बिक्री से जुड़ी मीडिया reports को खारिज करने के बाद शेयर में तेज गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल, BSC पर यह 2.64% की गिरावट के साथ ₹253.10 के भाव पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, आज के शुरुआती कारोबार में यह 2.69% उछलकर ₹266.95 तक पहुँच गया था, लेकिन BANK की सफाई के बाद इस हाई लेवल से यह 5.37% टूटकर इंट्रा-डे में ₹252.60 के निचले स्तर तक आ गया। इससे पहले, लगातार चार दिनों में यह 10% से अधिक मजबूत हुआ था।
किस बात पर दी RBL बैंक ने सफाई?
मीडिया में ऐसी reports सामने आई थीं कि दुबई की Emirates NBD Indian Banking Sector में entry के लिए RBL Bank में कुछ हिस्सेदारी खरीदने की संभावनाएँ तलाश रही है। reports में यह भी दावा किया गया था कि Emirates NBD की IDBI Bank में भी हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी है।
आरबीएल बैंक ने अब इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ये केवल 'स्पेक्युलेटिव' (अनुमानों पर आधारित) हैं। बैंक की इस सफाई के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली की और शेयर में तेज गिरावट आ गई।
भारतीय बैंकों में विदेशी हिस्सेदारी के नियम और अपवाद:
भारत में बैंकों में विदेशी स्वामित्व को लेकर नियम काफी सख्त हैं। केंद्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसी भारतीय बैंक में अधिकतम 15% हिस्सेदारी ही विदेशी संस्थाओं को रखने की मंजूरी दी है।
हालांकि, कुछ अपवाद भी हैं, लेकिन इनकी मंजूरी खास परिस्थितियों में लेनी होती है। उदाहरण के लिए, कनाडा के फेयरफैक्स फाइनेंशियल (Fairfax Financial) को सीएसबी बैंक (CSB Bank) में और सिंगापुर के DBS को दिक्कतों से जूझ रहे Lakshmi Vilas Bank के विलय की मंजूरी मिली थी। हालिया कोशिशों में, जापान की SMBC को Yes Bank में 20% हिस्सेदारी के लिए मंजूरी का इंतजार है। इन्हीं अपवादों के चलते शायद Emirates NBD को RBL Bank में हिस्सेदारी खरीदने की उम्मीद दिख रही थी।
आरबीएल बैंक के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म का रुझान:
पिछले साल 4 जुलाई 2024 को RBI BANK के SHARE ₹270.35 के भाव पर थे, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का reports high level है। हालांकि, शेयरों की यह तेजी यहीं थम गई और इस high level से करीब छह महीने में यह 46% फिसलकर 20 जनवरी 2025 को ₹146.00 के भाव पर आ गया, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का reports निचला स्तर है।
इस निचले स्तर से अब रिकवरी शुरू हुई है, और ब्रोकरेज फर्मों के मुताबिक यह एक साल के हाई लेवल को पार कर सकता है। ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने इसे 90-दिनों का Positive Catalyst Watch दिया है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि credit cost के सामान्य होने से बैंक का RoA 0.45%-0.50% सुधर सकता है। सिटी ने इसका टारगेट प्राइस भी ₹230 से बढ़ाकर ₹285 कर दिया है।
क्या आरबीएल बैंक अपनी इस 'सफाई' के बाद ब्रोकरेज फर्मों के भरोसे पर खरा उतर पाएगा और अपने पिछले उच्चतम स्तरों को फिर से छू पाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें