NSDL IPO खुला: क्या आपके portfolio में होनी चाहिए यह 'undervalued' डिपॉजिटरी स्टॉक?

NSDL IPO खुला: क्या आपके portfolio में होनी चाहिए यह 'undervalued' डिपॉजिटरी स्टॉक?



National Securities Depository Limited (NSDL) का बहुप्रतीक्षित IPO अब निवेश के लिए खुल गया है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। NSDL द्वारा तय की गई इश्यू कीमत ने निवेशकों को चौंका दिया है, क्योंकि ओवर द काउंटर (OTC) मार्केट में NSDL के स्टॉक की कीमत ₹1,025 चल रही थी। इसका मतलब है कि आईपीओ में शेयर की कीमत, अनलिस्टेड शेयर की वैल्यूएशन के मुकाबले 20 फीसदी कम है, जो इसे एक आकर्षक प्रस्ताव बनाता है।

डिपॉजिटरी बिजनेस और भारत में इसकी संभावनाएं

Depository Business की ग्रोथ सीधे तौर पर कैपिटल मार्केट, खासकर equity market की ग्रोथ पर निर्भर करती है। भारत में वर्तमान में दो बड़ी Depository Companies हैं: NSDL और CDSL। भारत में कैपिटल मार्केट की लगातार अच्छी ग्रोथ हो रही है, जिसका सीधा फायदा NSDL को मिलेगा। कंपनी ने आईपीओ में शेयर की कीमत आकर्षक रखी है, और यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमें किसी नई कंपनी के लिए प्रवेश करना आसान नहीं है, जिससे मौजूदा खिलाड़ियों को एक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है।

CDSL से तुलना: डिस्काउंट पर NSDL का स्टॉक

डीमैट अकाउंट की संख्या के लिहाज से NSDL के मुकाबले CDSL काफी आगे है। CDSL की profit कमाने की क्षमता भी NSDL से बेहतर है। हालांकि, अगर दोनों की Valuation की बात करें तो NSDL का शेयर CDSL के मुकाबले करीब 25 फीसदी डिस्काउंट पर मिल रहा है। यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु हो सकता है।

वित्त वर्ष 2025 के अंत में, NSDL के डीमैट अकाउंट की संख्या 3.9 करोड़ थी, जबकि CDSL के पास 15.9 करोड़ डीमैट अकाउंट थे।

नए डीमैट अकाउंट की वृद्धि दर और फिनटेक ब्रोकर्स का प्रभाव

पिछले कुछ सालों में, नए Demat account  की संख्या के मामले में NSDL की वृद्धि दर CDSL के मुकाबले सुस्त रही है। कंपनी New-age fintech brokerage firms को Depository Participant  (DP) के रूप में खुद से जोड़ने में उतनी सफल नहीं रही है। एक्टिव क्लाइंट्स के लिहाज से, फिनटेक ब्रोकर्स की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2016 के 5 फीसदी से बढ़कर अब 70 फीसदी तक पहुंच गई है। ज्यादातर नए रिटेल निवेशक कम लागत वाली ब्रोकरेज फर्मों के क्लाइंट्स हैं, जो NSDL के लिए एक चुनौती बनी हुई है।

NSDL की सहायक कंपनियां और राजस्व स्रोत

NSDL IT-Enabled Solutions भी ऑफर करती है, जिसके लिए इसकी दो सहायक कंपनियां NDML और NSDL Payments Bank (NPBL) हैं।

NDML: KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी के रूप में सेवाएं देती है। इसके अलावा, यह रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट, ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर, इंश्योरेंस रिपॉजिटरी और ई-गवर्नेंस सेवाएं भी देती है।

NPBL: कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में NPBL की करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है।

हालांकि, प्रॉफिट के लिहाज से डिपॉजिटरी बिजनेस सबसे अहम है। वित्त वर्ष 2025 के प्रॉफिट में डिपॉजिटरी बिजनेस का करीब 90 फीसदी हिस्सेदारी थी।


प्रमोटर और मार्केट पोजीशनिंग

इश्यूअर्स की संख्या, Asset Value Under Custody और दूसरे मानकों पर NSDL आगे है। लेकिन, फीस के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले कुल Demat account की संख्या में इसकी हिस्सेदारी सिर्फ 21 फीसदी है। इस वजह से CDSL के मुकाबले इसकी Profit कमाने की क्षमता कम हो जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि NSDL की प्रमोटर NSE है, जबकि CDSL की प्रमोटर BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) है।

संक्षेप में, NSDL का IPO एक मजबूत बिजनेस मॉडल, आकर्षक वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ क्षमता के साथ आ रहा है, लेकिन डीमैट अकाउंट की संख्या में CDSL से पिछड़ना और नए फिनटेक ब्रोकर्स को जोड़ने की चुनौती बनी हुई है। निवेशकों को इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

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