अदाणी समूह का ₹96,000 करोड़ का मेगा प्लान: अगले 5 सालों में हवाई अड्डों पर बड़ा निवेश, नवी मुंबई पर खास फोकस!
अदाणी समूह का ₹96,000 करोड़ का मेगा प्लान: अगले 5 सालों में हवाई अड्डों पर बड़ा निवेश, नवी मुंबई पर खास फोकस!
अदाणी समूह (Adani Group) अगले पांच सालों में अपने हवाई अड्डा कारोबार में एक जबरदस्त विस्तार करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस क्षेत्र में लगभग ₹96,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करेगी, जिसका मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे के विकास और रियल एस्टेट परियोजनाओं पर रहेगा। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा नवी मुंबई और मुंबई के मौजूदा हवाई अड्डों पर केंद्रित होगा।
अदाणी समूह के हवाई अड्डा कारोबार के प्रमुख, जीत अडानी (Jeet Adani) ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में भारत में व्यापक विकास की असीमित संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल समूह की किसी भी वैश्विक विस्तार की योजना नहीं है, क्योंकि भारत में ही अपार अवसर मौजूद हैं।
नवी मुंबई और मुंबई पर रहेगा भारी निवेश
अदाणी एयरपोर्ट्स, जो वर्तमान में मुंबई के CSMIA सहित सात हवाई अड्डों का संचालन करती है, ने अक्टूबर 2025 तक नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) को चालू करने का लक्ष्य रखा है। इस हवाई अड्डे की शुरुआती क्षमता सालाना 2 करोड़ यात्रियों की होगी, जिसके लिए ₹19,000 करोड़ का प्रारंभिक निवेश किया जाएगा।
यही नहीं, अदाणी समूह NMIA में एक दूसरे टर्मिनल की भी योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए दो विकल्प विचाराधीन हैं:
₹30,000 करोड़ की लागत वाला 3-सीपीए (करोड़ यात्री प्रति वर्ष) टर्मिनल
या ₹40,000-₹45,000 करोड़ के निवेश वाला 5-सीपीए टर्मिनल।
जीत अडानी ने बताया कि NMIA का दीर्घकालिक लक्ष्य सालाना 9 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित करना है, जिसमें कुल ₹1 लाख करोड़ का निवेश होगा। इसके अतिरिक्त, मुंबई में 2032 तक ₹5,000 करोड़ की लागत से एक नया टर्मिनल 1 भी बनाया जाएगा।
अन्य शहरों में भी विस्तार
मुंबई के अलावा, अदाणी समूह अहमदाबाद, जयपुर और तिरुवनंतपुरम में भी नए टर्मिनल बनाने की योजना बना रहा है, जबकि लखनऊ में विस्तार कार्य प्रगति पर है। जीत अडानी के मुताबिक, गुवाहाटी में एक नया टर्मिनल 2025 के अंत तक चालू हो जाएगा।
अडानी ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स की फंडिंग कंपनी की आंतरिक इक्विटी (Internal Equity) और डेट रिफाइनेंसिंग (Debt Refinancing) से की जाएगी, जो समूह की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
एविएशन कंपनियों और PPP मॉडल पर जोर
जीत अडानी ने इंडिगो और एयर इंडिया जैसी प्रमुख एविएशन कंपनियों के साथ सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया, जिसका उद्देश्य एयरलाइन विकास के साथ बुनियादी ढांचे को प्रभावी ढंग से जोड़ना है। उन्होंने हवाई अड्डों के विकास के लिए सरकार के पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) प्रयासों के अनुरूप अदाणी समूह के 'इंडिया-फर्स्ट' नजरिए पर भी बल दिया। यह निवेश भारत के एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें