इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स: 58% तक रिटर्न के बावजूद अधिकांश स्कीमें बंद, क्या हैं वजहें और आगे क्या?

इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स: 58% तक रिटर्न के बावजूद अधिकांश स्कीमें बंद, क्या हैं वजहें और आगे क्या?



पिछले एक साल में, अंतर्राष्ट्रीय म्यूचुअल फंड स्कीमों ने भारतीय निवेशकों को मालामाल किया है, अमेरिका से लेकर चीन तक के शेयर बाजारों में निवेश करके इन फंडों ने 58% तक का शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली अधिकांश स्कीमें फिलहाल नए निवेश के लिए बंद पड़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश करने का यह तरीका भले ही कारगर साबित हो रहा हो, लेकिन नियामक सीमाएं निवेशकों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं।


SEBI और RBI की सीमाएं बनी अड़चन

इस रोक के पीछे मुख्य वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय की गई 7 अरब डॉलर की कुल उद्योग-व्यापी सीमा है, जिसे पार करने से रोकने के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने फरवरी 2022 में सभी घरेलू म्यूचुअल फंड कंपनियों को विदेशी शेयरों में नए निवेश पर रोक लगाने को कहा था। इसके अलावा, RBI ने प्रत्येक म्यूचुअल फंड हाउस के लिए 1 अरब डॉलर की व्यक्तिगत सीमा और विदेशी एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में निवेश के लिए भी 1 अरब डॉलर की अलग सीमा तय की थी।


बाद में, SEBI ने उन फंड्स को विदेशी शेयरों में निवेश की अनुमति दी जो RBI की निर्धारित सीमाओं के भीतर काम कर रहे थे। इसके बाद से कई फंड हाउस थोड़े-थोड़े समय के लिए निवेश स्वीकार करते रहे हैं, लेकिन यह प्रक्रिया काफी सीमित रही है, जिससे निवेशकों को पूर्ण अवसर नहीं मिल पा रहा है।


टॉप परफॉर्मिंग फंड्स और उनकी स्थिति

ACE MF के 9 जुलाई 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कई इंटरनेशनल फंड्स ने असाधारण रिटर्न दिए हैं:


Mirae Asset Hang Seng TECH ETF FoF: 57.8% रिटर्न (टॉप परफॉर्मर)


Mirae Asset NYSE FANG+ ETF FoF: लगभग 50.7% रिटर्न


Mirae Asset Hang Seng TECH ETF: लगभग 49.0% रिटर्न


Nippon India ETF Hang Seng BeES: 42.5% रिटर्न


Mirae Asset S&P 500 Top 50 ETF FoF: 35.2% रिटर्न


हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सभी टॉप परफॉर्मिंग स्कीमों में नए निवेश की अनुमति नहीं है। जो स्कीमें ETF के रूप में हैं, उनमें निवेशक स्टॉक एक्सचेंज के जरिए ट्रेडिंग कर सकते हैं, लेकिन डायरेक्ट फंड में नया निवेश अवरुद्ध है।


खुले फंड्स और निवेश की शर्तें

करीब 70 अंतर्राष्ट्रीय फंड्स में से, फिलहाल सिर्फ 26 स्कीमें ऐसी हैं जो नए निवेश के लिए खुली हुई हैं, जिनमें SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और लंपसम दोनों के जरिए निवेश की अनुमति है। हालाँकि, कई फंड हाउस ने प्रति पैन कार्ड प्रति दिन की अधिकतम निवेश सीमा भी तय की है।


उदाहरण के लिए, Edelweiss Mutual Fund की सभी इंटरनेशनल स्कीमें खुली हैं, लेकिन इसके लिए ₹10 लाख प्रति PAN प्रति दिन की सीमा लागू है। Baroda BNP Paribas Aqua FoF में लंपसम निवेश की इजाजत है, लेकिन नई SIP बंद कर दी गई है। साथ ही, ₹5 लाख प्रति PAN प्रति दिन की सीमा भी तय की गई है।


इंडस्ट्री की सीमा बढ़ाने की मांग

जून 2025 के अंत तक, अंतर्राष्ट्रीय म्यूचुअल फंड्स ने ₹58,000 करोड़ की राशि विदेशी शेयरों में प्रत्यक्ष निवेश के रूप में लगाई है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का मानना है कि विदेशी निवेश की सीमा में तत्काल ढील दिए जाने की आवश्यकता है ताकि भारतीय निवेशकों को वैश्विक बाजारों में विविधीकरण (diversification) और बेहतर रिटर्न का अवसर मिल सके। इंडस्ट्री ने इस मुद्दे को दोबारा SEBI और RBI के सामने उठाया है, और नियामक निकायों से इस पर विचार करने का आग्रह किया है। यह देखना बाकी है कि भारतीय निवेशक कब इन उच्च-रिटर्न वाले अंतर्राष्ट्रीय फंडों में खुलकर निवेश कर पाएंगे।

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