बिटकॉइन का ऐतिहासिक छलांग: कीमत पहली बार ₹1 करोड़ के पार, क्या यह सिर्फ शुरुआत है?

बिटकॉइन का ऐतिहासिक छलांग: कीमत पहली बार ₹1 करोड़ के पार, क्या यह सिर्फ शुरुआत है?


दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin), ने शुक्रवार, 11 जुलाई को भारतीय बाजार में एक नया इतिहास रच दिया। इसकी कीमत पहली बार ₹1 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर गई। खबर लिखे जाने के समय, बिटकॉइन का भाव करीब 6% की तेजी के साथ $1,18,033 (लगभग ₹1.01 करोड़) पर कारोबार कर रहा था। बिटकॉइन की कीमतों में इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों की बढ़ती मांग और अमेरिका में बिटकॉइन ईटीएफ (ETF) में रिकॉर्ड निवेश को जिम्मेदार माना जा रहा है।

संस्थागत मांग और ट्रंप सरकार की 'क्रिप्टो-समर्थक' नीतियां

CIFDAQ के चेयरमैन, हिमांशु मराड़िया ने इस उछाल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "bitcoin ने $118,000 का आंकड़ा पार कर नया ऑल-टाइम हाई बना लिया है। यह उछाल हालिया कंसॉलिडेशन के बाद तेजी से लौटे बुलिश सेंटिमेंट और संस्थागत निवेशकों की मांग के चलते आया है।" उन्होंने विशेष रूप से ब्लैकरॉक (BlackRock) का उल्लेख किया, जिसने अकेले $65 अरब डॉलर से ज्यादा का बिटकॉइन जमा किया है।

इसके अलावा, अमेरिका में ट्रंप सरकार की क्रिप्टो-समर्थक नीतियां भी इस सकारात्मक सेंटिमेंट को बढ़ावा दे रही हैं। इन कदमों में एक रणनीतिक बिटकॉइन रिजर्व बनाना और ईटीएफ अप्रूवल नॉर्म्स में ढील जैसी पहलें शामिल हैं, जिनसे क्रिप्टो बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।

मैक्रो इकोनॉमिक कारक भी बिटकॉइन के पक्ष में

डॉलर की कमजोरी, बढ़ती ट्रेजरी डिमांड और सॉवरेन क्रेडिट में गिरावट जैसे मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स ने भी bitcoin को एक सुरक्षित और वैकल्पिक निवेश के रूप में पेश किया है। निवेशक पारंपरिक परिसंपत्तियों में अनिश्चितता के बीच bitcoin को एक बचाव के रूप में देख रहे हैं। Coinbase का S&P 500 में शामिल होना भी क्रिप्टोकरेंसी को मुख्यधारा की एसेट क्लास के रूप में मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी तेजी

बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी तेजी देखने को मिली है:


इथेरियम (Ethereum): इसका भाव $3,000 तक पहुँच गया, हालाँकि इसमें कुछ बेयरिश संकेत भी देखने को मिले हैं।

XRP: इसकी कीमत में मजबूत उछाल आई है।

Pudgy Penguins: इस क्रिप्टोकरेंसी में करीब 30% का सबसे अधिक उछाल देखने को मिला।

SEI: 25% की तेजी।

Worldcoin: 19% की तेजी।

बिटकॉइन की मार्केट कैप ने रचे नए कीर्तिमान

बिटकॉइन की मार्केट कैप ने अब ऑस्ट्रेलियाई और ताइवानी डॉलर की कुल करेंसी वैल्यू को भी पीछे छोड़ दिया है, जो इसकी बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और महत्व को दर्शाता है। एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा यह है कि 74% बिटकॉइन सप्लाई अब लॉन्ग-टर्म होल्डर्स के पास है, जो पिछले 15 सालों का उच्चतम स्तर है। यह दर्शाता है कि निवेशक लंबे समय के लिए बिटकॉइन को अपने पास रखना पसंद कर रहे हैं, जिससे बाजार में आपूर्ति कम हो रही है।

CoinDCX रिसर्च टीम के मुताबिक, "पिछले कुछ घंटों में क्रिप्टो जगत के मार्केट कैप में $165 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि $41.5 करोड़ डॉलर के शॉर्ट्स लिक्विडेट हो चुके हैं।" यह बताता है कि शॉर्ट पोजीशन लेने वाले ट्रेडर्स को भारी नुकसान हुआ है, जिससे कीमतों में और तेजी आई।

क्या बिटकॉइन का यह नया रिकॉर्ड इसकी कीमत को और ऊंचाइयों पर ले जाएगा, या यह केवल एक अस्थायी उछाल है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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