SME IPOs के लिए BSE का क्रांतिकारी AI टूल: मिनटों में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, लिस्टिंग होगी तेज़!

SME IPOs के लिए BSE का क्रांतिकारी AI टूल: मिनटों में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, लिस्टिंग होगी तेज़!

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने SME (लघु एवं मध्यम उद्यमों) के लिए IPO प्रक्रिया को रफ्तार देने के उद्देश्य से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल लॉन्च किया है। यह नया AI-संचालित उपकरण उन कंपनियों को, जो SME रूट के जरिए अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाना चाहती हैं, अपने आवेदन को आधिकारिक रूप से दाखिल करने से पहले ही उसकी गहन जांच करने का अभूतपूर्व अवसर प्रदान करेगा। experts का मानना है कि इस कदम से SME IPO के documents की प्रारंभिक जांच में लगने वाला समय, जो अब तक हफ्तों में मापा जाता था, अब कुछ ही मिनटों में सिमट सकता है!

BSE द्वारा जारी circular के अनुसार, merchant bankers को एक विशेष SFTP (सिक्योर फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल) फोल्डर तक एक्सेस दिया जाएगा। इसमें वे अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर सकेंगे। इसके बाद, AI टूल उन डॉक्यूमेंट्स की त्वरित पड़ताल करेगा और उन हिस्सों को हाइलाइट करेगा जिन पर सुधार या अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता होगी। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि BSE को जमा किए जाने वाले सभी आवश्यक डॉक्यूमेंट्स पूरी तरह से तैयार हों, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया सुगम हो सके।

BSE के सर्कुलर में कहा गया है, "SME listing अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक्सचेंज ने जेनरेटिव AI तकनीक के जरिए मर्चेंट बैंकरों को ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट की प्री-चेक सुविधा मुहैया कराने की पहल की है।"

SME प्लेटफॉर्म पर BSE की बढ़ती पकड़:

BSE SME platform पर अब तक लगभग 600 कंपनियां List हो चुकी हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक लगभग ₹9,500 करोड़ की पूंजी जुटाई है। SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड कंपनियों का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹68,507 करोड़ के करीब है। वहीं, SME से मुख्य बोर्ड में शिफ्ट हो चुकी लगभग 200 कंपनियों को मिलाकर यह आंकड़ा ₹1.73 लाख करोड़ तक पहुंच जाता है।

SME प्लेटफॉर्म पर औसतन रोजाना लगभग 230 शेयरों का कारोबार होता है, और जून महीने में अब तक औसत कारोबार लगभग ₹1,440 करोड़ का रहा है, जो प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

'गेम चेंजर' साबित होगा यह AI टूल:

MMJC एंड एसोसिएट्स के फाउंडर पार्टनर मकरंद एम जोशी ने इस पहल को 'गेम चेंजर' बताया है। उन्होंने कहा, "BSE की यह पहल SME IPO इकोसिस्टम में एक प्रगतिशील बदलाव है। Draft Offer Document की वैलिडेशन प्रक्रिया, जिसमें पहले करीब एक सप्ताह लगता था, अब संभवतः 30 से 40 मिनट में पूरी हो सकती है। इससे SME IPO लिस्टिंग का टाइमलाइन काफी घट सकता है, जो छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया को अत्यधिक कुशल बना देगा।"

हालांकि, BSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह AI टूल केवल draft document की प्रारंभिक जांच के लिए है। अंतिम मंजूरी देने से पहले एक्सचेंज सभी डॉक्यूमेंट्स की पूरी तरह से जांच करेगा। BSE के सर्कुलर में कहा गया है, "यह प्री-फाइलिंग प्रक्रिया शुरुआती ऑब्जर्वेशन को तेजी से सुलझाने में मदद करेगी। हालांकि, फाइनल DRHP के फाइल होने पर एक्सचेंज दस्तावेजों की पूरी समीक्षा करेगा, तभी इन-प्रिंसिपल अप्रूवल जारी होगा।"

यह AI टूल भारतीय पूंजी बाजार में तकनीकी नवाचार का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो SME सेगमेंट में पूंजी जुटाने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तीव्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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