RBI का नया KYC नियम: अब बैंक को 3 बार 'चेतावनी' देनी होगी, वरना अकाउंट फ्रीज़! ग्रामीण ग्राहकों को भी बड़ी राहत

RBI का नया KYC नियम: अब बैंक को 3 बार 'चेतावनी' देनी होगी, वरना अकाउंट फ्रीज़! ग्रामीण ग्राहकों को भी बड़ी राहत



भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने और बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए KYC (Know Your Customer) अपडेट के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इन नए निर्देशों के तहत, अब बैंकों और अन्य रेगुलेटेड संस्थानों को ग्राहकों को समय पर KYC अपडेट कराने के लिए कई बार जानकारी देनी होगी, ताकि किसी भी ग्राहक का अकाउंट बेवजह फ्रीज़ न हो। ये नियम जनधन, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) से जुड़े खातों पर भी लागू होंगे।

RBI ने पाया कि विशेषकर सरकारी योजनाओं से जुड़े खातों में KYC अपडेट में काफी देरी हो रही थी, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए अब बैंकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

क्या-क्या बदल रहा है? जानें नए और पुराने नियम:

1. रिमाइंडर का नया नियम: 3+3 का फार्मूला

KYC ड्यू डेट से पहले: बैंक को KYC की तारीख से पहले कम से कम 3 बार Notification भेजने होंगे। इनमें से एक फिजिकल लेटर पोस्ट ऑफिस के माध्यम से भेजा जाना अनिवार्य होगा। बाकी नोटिफिकेशन SMS, ईमेल या मोबाइल ऐप के जरिए भेजे जा सकते हैं।

KYC ड्यू डेट के बाद: अगर तय तारीख के बाद भी KYC update नहीं होता है, तो बैंक को 3 और reminder भेजने होंगे, जिनमें से एक और physical लेटर भेजना जरूरी होगा।

2. स्पष्ट और सरल जानकारी:

हर Notification में KYC update करने के लिए आसान भाषा में दिशा-निर्देश, मदद के तरीके और सबसे महत्वपूर्ण – KYC न कराने पर क्या असर होगा, इसकी साफ जानकारी होनी चाहिए।


3. ऑडिट ट्रेल अनिवार्य:

बैंकों को हर नोटिफिकेशन का रिकॉर्ड रखना होगा ताकि बाद में ऑडिट किया जा सके। यह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।


ग्रामीण ग्राहकों और लो-रिस्क अकाउंट्स के लिए विशेष राहत:

1. ग्रामीण ग्राहकों के लिए सुविधा:

ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, अब बैंक के बिजनेस करेस्पोंडेंट (BC) भी KYC अपडेट में मदद कर सकेंगे। यदि ग्राहक की जानकारी पहले जैसी ही है, या केवल पता बदला है, तो वे खुद घोषणा (self-declaration) देकर KYC अपडेट करवा सकते हैं। BC इसे डिजिटल रूप से बैंक सिस्टम में दर्ज करेगा।


2. लो-रिस्क ग्राहकों को राहत:

कम जोखिम वाले (Low-Risk) ग्राहकों के लिए RBI ने निर्देश दिया है कि:

अगर उनका KYC पेंडिंग है, तब भी बैंक ट्रांजेक्शन की सुविधा बंद नहीं करेंगे, बशर्ते कि KYC 30 जून 2026 तक या KYC ड्यू डेट के एक साल के अंदर अपडेट कर दिया जाए। यह एक बड़ी राहत है, जिससे अचानक सेवाओं के बाधित होने का डर कम होगा।

जागरूकता अभियान पर जोर:

RBI ने यह भी पाया कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में KYC पेंडेंसी (लंबित मामले) ज्यादा है। इसलिए बैंक को KYC कैंप और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग समय पर KYC करा सकें और बैंकिंग सेवाओं का निर्बाध लाभ उठा सकें।

इन नए नियमों से ग्राहकों को KYC अपडेट कराने के लिए पर्याप्त समय और कई बार रिमाइंडर मिलेंगे, जिससे उनके बैंक खाते फ्रीज़ होने की संभावना कम होगी। यह RBI का एक स्वागत योग्य कदम है, जो ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग को बढ़ावा देगा। इस रिवीजन में एक्टिव अकाउंट और अनक्लेम्ड डिपॉजिट से जुड़े नियम भी जोड़े गए हैं, लेकिन उनके बारे में RBI बाद में और जानकारी देगा।

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