NSE IPO पर सेबी चेयरमैन का बड़ा बयान: 'अब ज्यादा समय नहीं लगेगा', को-लोकेशन Case भी अंतिम चरण में!
NSE IPO पर सेबी चेयरमैन का बड़ा बयान: 'अब ज्यादा समय नहीं लगेगा', को-लोकेशन Case भी अंतिम चरण में!
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है। सेबी (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब इस आईपीओ में ज्यादा समय नहीं लगेगा। मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि NSE के आईपीओ के रास्ते में कोई बड़ी बाधा नहीं है, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ जल्द ही बाजार में दस्तक दे सकता है।
पांडेय ने विशेष रूप से यह भी स्पष्ट किया कि क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस के डीमर्जर का मुद्दा, जिसे पहले आईपीओ के रास्ते में एक बड़ी बाधा माना जा रहा था, अब कोई मसला नहीं है।
क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस का डीमर्जर: 'आईपीओ प्रोसेस में बाधा नहीं'
सेबी चेयरमैन ने जोर देकर कहा, "आईपीओ के प्रोसेस के लिहाज से यह मसला (क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस का डीमर्जर) सच में कोई बाधा नहीं है।" उन्होंने समझाया कि क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस के डीमर्जर से जुड़ा कंसल्टेशन पेपर केवल रेगुलेटर की सोच को दर्शाता है और यह कोई फाइनल पॉलिसी डिसिजन नहीं है। इसका मतलब है कि डीमर्जर की प्रक्रिया आईपीओ लॉन्च होने के बाद भी जारी रह सकती है या इसे अलग तरीके से संभाला जा सकता है।
NSE के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि वे लोग (एनएसई) उन सभी मामलों को देख रहे हैं, जो उनके सामने हैं।" यह दर्शाता है कि NSE भी आईपीओ लॉन्च करने के लिए आंतरिक रूप से पूरी तैयारी कर रहा है और लंबित मुद्दों को सुलझाने पर काम कर रहा है।
को-लोकेशन केस: सेटलमेंट के करीब, आईपीओ का रास्ता साफ!
एनसी आईपीओ के लिए सबसे बड़ी बाधा माने जा रहे तथाकथित को-लोकेशन केस पर भी सेबी चेयरमैन ने महत्वपूर्ण अपडेट दिया है। पांडेय ने कहा, "कुछ लीगल सेटलमेंट और कुछ दूसरी चीजें हैं और कुछ पैसे चुकाने होंगे। और मामले (Case) को वापस लेने सहित कुछ कदम उठाने होंगे।"
मनीकंट्रोल ने पहले ही खबर दी थी कि को-लोकेशन केस के सेटलमेंट के लिए NSE और SEBI के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। यह मामला काफी समय से लंबित था और इसने NSE के आईपीओ में देरी की मुख्य वजहों में से एक रही है।
सेबी का मार्केट रेगुलेशन डिपार्टमेंट पहले को-लोकेशन मामले में 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (No Objection Certificate) इश्यू करेगा। इसके बाद ही NSE आईपीओ के लिए सेबी के पास औपचारिक आवेदन भेजेगा।
सेबी चेयरमैन के ये बयान निश्चित रूप से एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों और बाजार प्रतिभागियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े आईपीओ में से एक कब तक बाजार में प्रवेश करता है।

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