IEX के शेयरों में 'बिजली' क्रैश: 10% की भारी गिरावट, 'मार्केट कपलिंग' के डर से निवेशकों में मची भगदड़!
IEX के शेयरों में 'बिजली' क्रैश: 10% की भारी गिरावट, 'मार्केट कपलिंग' के डर से निवेशकों में मची भगदड़!
भारतीय एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के शेयरों में बुधवार, 11 जून को 10 फीसदी तक की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। इस अचानक गिरावट की वजह एक बड़ी खबर है: केंद्र सरकार 'मार्केट कपलिंग' की संभावित प्रक्रिया पर विचार करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स की एक बैठक बुलाने की तैयारी में है। इस खबर ने IEX के निवेशकों में बेचैनी बढ़ा दी है, जिसके चलते आज उन्होंने भारी बिकवाली की।
भारत सरकार के स्वामित्व वाला IEX, मार्केट शेयर के लिहाज से देश का सबसे बड़ा पावर एक्सचेंज है। निवेशकों को यह डर सता रहा है कि यदि 'मार्केट कपलिंग' लागू होता है, तो IEX की मौजूदा बाजार हिस्सेदारी में भारी कमी आ सकती है, और यही उनकी बेचैनी का मुख्य कारण बना हुआ है।
मनीकंट्रोल को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर जल्द ही सभी संबंधित पक्षों के साथ एक बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में 'मार्केट कपलिंग' की प्रक्रिया के संभावित फायदों पर चर्चा होगी। साथ ही, यह भी तय हो सकता है कि 'मार्केट कपलिंग' की प्रक्रिया एक ओपन बिडिंग के जरिए होगी, न कि इंटरनल बिडिंग के जरिए।
क्या है 'मार्केट कपलिंग'?
'मार्केट कपलिंग' एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत देश के सभी पावर एक्सचेंजों पर आने वाली बिजली की खरीद और बिक्री की बोलियों को एक साथ मिलाया जाएगा। इसके बाद, एक यूनिफॉर्म क्लियरिंग प्राइस तय होगा। इसका सीधा मतलब है कि पूरे देश में बिजली की एक ही कीमत होगी। वर्तमान में, हर एक्सचेंज पर बिजली की कीमतें थोड़ी-थोड़ी अलग होती हैं।
यदि यह प्रक्रिया लागू होती है, तो IEX जैसे बड़े एक्सचेंज का मार्केट शेयर काफी कम हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सभी पावर एक्सचेंज केवल बिडिंग प्लेटफॉर्म बनकर रह जाएंगे, और बिजली की कीमत तय करने में उनकी व्यक्तिगत भूमिका सीमित हो जाएगी। इसी चिंता के चलते निवेशकों ने बड़ी मात्रा में IEX के शेयरों की बिकवाली कर दी, जिससे स्टॉक में भारी गिरावट आई।
बाज़ार और ग्राहकों पर असर:
आम ग्राहकों को मिलने वाली बिजली की कीमतों पर फिलहाल इस बदलाव का तुरंत कोई असर नहीं होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में यह बिजली की दरों में कमी ला सकता है, क्योंकि यह बाजार को अधिक कुशल बनाएगा।
इसके अतिरिक्त, मई 2025 में बिजली की मांग में कमी आने के कारण पावर एक्सचेंजों पर स्पॉट प्राइस में पहले ही औसतन 25% की गिरावट देखी गई थी। ऐसे में, 'मार्केट कपलिंग' की संभावित खबरों ने IEX जैसे स्टॉक्स पर दबाव को और भी बढ़ा दिया है।
निवेशकों की चिंताएँ:
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर 'मार्केट कपलिंग' लागू होती है, तो IEX के रेवेन्यू मॉडल और मार्जिन पर नकारात्मक दबाव बढ़ सकता है, जिससे कंपनी के फाइनेंशियल्स पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यही कारण है कि इस खबर के बाद स्टॉक में इतनी भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशक अब सरकार के अंतिम फैसले और इसके संभावित प्रभावों पर करीब से नज़र रखेंगे।

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