बाटा का 'इंडिया विजन': भारत बनेगा दूसरा सबसे बड़ा ग्लोबल सोर्सिंग और डिज़ाइन हब!
बाटा का 'इंडिया विजन': भारत बनेगा दूसरा सबसे बड़ा ग्लोबल सोर्सिंग और डिज़ाइन हब!
बाटा साउथ एशिया के सीईओ संदीप कटारिया का मानना है कि भारत जल्द ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ग्लोबल सोर्सिंग हब बनकर उभरेगा। यह बयान सिर्फ सोर्सिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि कटारिया ने सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय के साथ एक खास बातचीत में यह भी बताया कि बाटा भारत में डिज़ाइन और डेवलपमेंट पर भी लगातार निवेश बढ़ा रही है, जिससे यह देश कंपनी के लिए एक रणनीतिक केंद्र बन जाएगा।
भारत: अब केवल सोर्सिंग नहीं, डिज़ाइन का ग्लोबल हब भी
संदीप कटारिया के अनुसार, बाटा के लिए भारत एक बेहद विशाल और महत्वपूर्ण बाजार है। कंपनी के पास यहाँ एक बड़ा और प्रतिभाशाली टैलेंट पूल मौजूद है। पहले भारत मुख्य रूप से बाटा के लिए एक सोर्सिंग बेस के रूप में कार्य करता था, लेकिन अब यह भूमिका बदल रही है। कटारिया ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल सोर्सिंग का ज़रिया नहीं रहेगा, बल्कि इसे डिज़ाइन डेवलपमेंट का ग्लोबल सैटेलाइट हब बनाने की तैयारी है।
कंपनी का मुख्य डिज़ाइन हब अभी इटली में है, लेकिन अब भारत से ही दुनिया के कई अन्य बाजारों की ज़रूरतों को पूरा किया जाएगा। यह कदम भारत की बढ़ती क्षमताओं और नवाचार के प्रति बाटा के भरोसे को दर्शाता है।
मैन्युफैक्चरिंग के साथ डिज़ाइन और डेवलपमेंट पर ज़ोर
कटारिया ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग को तो बढ़ावा दिया ही जाएगा, लेकिन साथ ही डिज़ाइन और डेवलपमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन देशों के साथ भारत ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, वहाँ बाटा के लिए कारोबार के बड़े अवसर पैदा होंगे। इससे दुबई और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में भारतीय उत्पादों का आयात करना और भी आसान हो जाएगा, जिससे निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
फुटवियर इंडस्ट्री में बदलाव और बाटा का निवेश
भारत में फुटवियर इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलावों पर बात करते हुए कटारिया ने बताया कि कंपनियाँ अब प्रोडक्ट इनोवेशन पर ज़्यादा फोकस कर रही हैं। बाटा भी इस बदलाव में आगे है और भारतीय बाज़ार में लगातार निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही है। उनका दावा है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोर्सिंग हब होगा।
बाटा देश में काफी इनोवेशन कर रही है, जिसके तहत कंपनी ने अपने बेहद पसंद किए जा रहे 'फ्लोट्स शूज' और 'इज़ी स्लाइड शूज' के लिए भारी निवेश किया है। यह दर्शाता है कि बाटा भारतीय प्रतिभा और निर्माण क्षमता का लाभ उठाकर वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहती है। यह विजन न केवल बाटा के लिए, बल्कि 'मेक इन इंडिया' और 'डिज़ाइन इन इंडिया' पहल के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है।

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