कॉग्निजेंट को '₹1 से भी कम' में मिली विशाखापत्तनम में ज़मीन! ₹1582 करोड़ के निवेश से 8000 नई नौकरियों का रास्ता खुलेगा

कॉग्निजेंट को '₹1 से भी कम' में मिली विशाखापत्तनम में ज़मीन! ₹1582 करोड़ के निवेश से 8000 नई नौकरियों का रास्ता खुलेगा

आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस (Cognizant Technology Solutions) आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक भव्य आईटी कैंपस बनाने की तैयारी में है, जिसके लिए कंपनी ₹1582 करोड़ का बड़ा निवेश करेगी। इस परियोजना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कंपनी को इसके लिए राज्य सरकार से ज़मीन महज 99 पैसे के नाममात्र शुल्क पर मिली है!

मनीकंट्रोल को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश सरकार ने विशाखापत्तनम को एक प्रमुख आईटी हब के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए, कॉग्निजेंट को यह असाधारण रियायत दी है। सूत्रों के अनुमान के अनुसार, इस आईटी कैंपस के चलते अगले आठ सालों में लगभग 8,000 नई नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। कॉग्निजेंट ने मार्च 2029 तक यहां कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

21.31 एकड़ ज़मीन पर कॉग्निजेंट का 'आईटी ड्रीम':

सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि कॉग्निजेंट ने VMRDA के तहत कपुलउप्पाडा (Kapulauppada) में 21.31 एकड़ ज़मीन की मांग की थी। कंपनी की इस मांग पर राज्य सरकार ने महज 99 पैसे के प्रतीकात्मक शुल्क पर यह विशाल भूमि आवंटित करने का फैसला किया है। यह कदम दिखाता है कि आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में टेक्नोलॉजी और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कितनी उत्सुक है।

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश की नई आर्थिक राजधानी का सपना:

विशाखापत्तनम में कॉग्निजेंट का यह निवेश ऐसे समय में आ रहा है जब यह शहर एक प्रमुख आईटी हब के तौर पर तेजी से उभर रहा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू कई बार यह कह चुके हैं कि वह विशाखापत्तनम को आंध्र प्रदेश की आर्थिक राजधानी के तौर पर विकसित करना चाहते हैं।

वैसे, जनवरी में ही कॉग्निजेंट के इस बड़े निवेश को लेकर राज्य सरकार ने संकेत दे दिए थे। जनवरी महीने में आंध्र प्रदेश के आईटी और एचआर मिनिस्टर नारा लोकेश ने संकेत दिया था कि कॉग्निजेंट राज्य में अपना काम शुरू कर सकती है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान दावोस के दौरे पर, आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री लोकेश ने कॉग्निजेंट के सीईओ एस रवि कुमार से मुलाकात की थी और उन्हें विशाखापत्तनम जैसे टियर-2 शहरों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया था।

यह परियोजना न केवल कॉग्निजेंट के लिए भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह विशाखापत्तनम और आंध्र प्रदेश के लिए भी एक बड़ा आर्थिक बूस्ट साबित हो सकती है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।

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