ओला इलेक्ट्रिक घेरे में: SEBI की दोहरी जांच, इनसाइडर ट्रेडिंग और बिक्री के आंकड़ों में हेरफेर के आरोप
ओला इलेक्ट्रिक घेरे में: SEBI की दोहरी जांच, इनसाइडर ट्रेडिंग और बिक्री के आंकड़ों में हेरफेर के आरोप
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता ओला इलेक्ट्रिक एक नई मुश्किल में फंसती नजर आ रही है। बाजार नियामक SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने कंपनी के खिलाफ कथित इनसाइडर ट्रेडिंग और बिक्री के आंकड़ों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पहले से ही कंपनी फरवरी 2025 की सेल्स रिपोर्ट में विसंगतियों के आरोपों का सामना कर रही है।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, SEBI ओला इलेक्ट्रिक द्वारा अक्टूबर-दिसंबर 2024 के बीच संभावित इनसाइडर ट्रेडिंग और संबंधित पार्टी लेनदेन में नियमों के उल्लंघन की पड़ताल कर रहा है। सूत्रों की मानें तो, नियामक उन विशिष्ट व्यापारों की जांच कर रहा है जिनमें कंपनी के अंदरूनी लोगों द्वारा गैर-सार्वजनिक जानकारी का उपयोग करके लाभ कमाने की आशंका है।
यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब ओला इलेक्ट्रिक पहले से ही अपनी फरवरी 2025 की बिक्री के आंकड़ों को लेकर सवालों के घेरे में है। कंपनी ने दावा किया था कि उसने उस महीने 25,000 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार में 28% हिस्सेदारी हासिल की। हालांकि, सरकारी वेबसाइट VAHAN पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में ओला के केवल 8,600 वाहनों का ही पंजीकरण हुआ था। इस भारी अंतर को लेकर SEBI पहले से ही जांच कर रही है।
ओला का खंडन:
ओला इलेक्ट्रिक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें "गलत और तथ्यहीन" बताया है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि वह सभी नियमों और विनियमों का पालन करती है और किसी भी गलत काम में शामिल नहीं है।
परिवहन मंत्रालय का नोटिस और स्टोर्स पर कार्रवाई:
इस बीच, ओला इलेक्ट्रिक की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होती हैं। हाल ही में, केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने भी कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके अलावा, महाराष्ट्र में परिवहन विभाग ने ट्रेड सर्टिफिकेट के बिना चल रहे ओला के 121 से अधिक स्टोर्स को बंद करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले, RTO ने महाराष्ट्र में ओला के कई स्टोर्स पर छापेमारी की थी और बिना ट्रेड सर्टिफिकेट वाले 192 वाहनों को जब्त किया था।
शेयरों में गिरावट:
इन नकारात्मक खबरों का असर ola इलेक्ट्रिक के शेयरों पर भी दिख रहा है। शुक्रवार को company का शेयर 0.33% गिरकर ₹48.53 पर close हुआ। पिछले एक महीने में शेयर में 10% से ज्यादा और पिछले एक साल में 45% से ज्यादा की गिरावट आई है। वर्तमान में ओला का बाजार पूंजीकरण ₹22.14 हजार करोड़ है। कंपनी के स्टोर्स पर देशभर में RTO की कई कार्रवाइयां भी हुई हैं, जिसमें मध्य प्रदेश और राजस्थान भी शामिल हैं, और 50 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन जब्त किए गए हैं।
शिकायत और ओला का पलटवार:
गुरुग्राम की एक कंपनी द्वारा ट्रेड सर्टिफिकेट न होने की शिकायत के बाद महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट विभाग ने कार्रवाई की थी। ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने इन कार्रवाइयों को "गलत और पक्षपातपूर्ण" बताया था और कहा था कि जब्त किए गए वाहन नियमों के अनुसार उनके डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स और गोदामों में अनरजिस्टर्ड इन्वेंट्री का हिस्सा थे।
ओला इलेक्ट्रिक पर SEBI की दोहरी जांच कंपनी के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकती है। इनसाइडर ट्रेडिंग और बिक्री के आंकड़ों में कथित गड़बड़ी के आरोप कंपनी की छवि और निवेशकों के विश्वास को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि SEBI की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और कंपनी इन आरोपों का किस प्रकार सामना करती है।
.jpg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें