MF के खजाने में ₹3 लाख करोड़ का 'बारूद', बाजार में होगा 'धमाका' या 'शांत'?
MF के खजाने में ₹3 लाख करोड़ का 'बारूद', बाजार में होगा 'धमाका' या 'शांत'?
वैश्विक स्तर पर जारी तनाव, महंगाई की चिंताएं कम होने के साथ ही शेयर बाजार के 'बुल' एक बार फिर उत्साहित नजर आ रहे हैं। निफ्टी 25,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर चुका है, और अब सबकी निगाहें म्यूचुअल फंडों (MF) पर टिकी हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि म्यूचुअल फंडों के पास जमा भारी-भरकम नकदी बाजार में एक नई तेजी की लहर ला सकती है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंडों के पास लगभग ₹3 लाख करोड़ का कैश रिजर्व है, और अप्रैल 2025 में उनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। क्या यह नकदी बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी या फिर यह 'शांत' ही रहेगी?
म्यूचुअल फंडों के पास कितना है 'युद्ध कोष'?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अभी तो बाजार में तेजी का सिर्फ 'ट्रेलर' देखने को मिला है। म्यूचुअल फंडों के पास ₹3 लाख करोड़ का विशाल कैश भंडार मौजूद है, जो बाजार में निवेश के लिए तैयार है। देश के शीर्ष 5 म्यूचुअल फंड हाउसों के पास ही ₹1.62 लाख करोड़ से अधिक की नकदी है। शीर्ष 20 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) की औसत कैश होल्डिंग उनके कुल AUM का 7.2% है।
अगर व्यक्तिगत फंड हाउसों की बात करें, तो SBI म्यूचुअल फंड के पास सबसे अधिक ₹77,090 करोड़ का कैश है, जो उनके कुल AUM का 10% है। ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास ₹45,936 करोड़ (AUM का 8.2%), मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड के पास ₹12,828 करोड़ (AUM का 17.5%), PPFAS म्यूचुअल फंड के पास ₹16,874 करोड़ (AUM का 23.6%) और क्वांट म्यूचुअल फंड के पास ₹9,906 करोड़ (AUM का 13%) का कैश रिजर्व है।
क्या यह कैश बाजार में 'ऐश' कराएगा?
म्यूचुअल फंडों के पास यह भारी नकदी निश्चित रूप से बाजार में मांग पैदा करने की क्षमता रखती है। जब यह पैसा इक्विटी बाजारों में निवेश किया जाएगा, तो यह शेयरों की कीमतों को ऊपर धकेल सकता है, जिससे निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि म्यूचुअल फंड एक साथ सारा पैसा बाजार में नहीं डालेंगे। वे बाजार की स्थितियों, निवेश के अवसरों और अपने निवेशकों की निवेश रणनीतियों के अनुसार धीरे-धीरे निवेश करेंगे।
इसके अलावा, बाजार में तेजी सिर्फ म्यूचुअल फंडों के निवेश पर ही निर्भर नहीं करती है। वैश्विक और घरेलू आर्थिक कारक, कंपनियों के तिमाही नतीजे, सरकारी नीतियां और निवेशकों की समग्र धारणा भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसलिए, यह कहना मुश्किल है कि म्यूचुअल फंडों का यह ₹3 लाख करोड़ का कैश सीधे तौर पर बाजार में 'ऐश' कराएगा। हालांकि, यह निश्चित रूप से बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक है और आने वाले समय में बाजार में स्थिरता और संभावित तेजी को बनाए रखने में मदद कर सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और सोच-समझकर निवेश निर्णय लें।
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