LIC का ₹47,000 करोड़ का 'बैलेंसिंग एक्ट': बाजार में उथल-पुथल के बीच इन शेयरों पर लगाया बड़ा दांव

LIC का ₹47,000 करोड़ का 'बैलेंसिंग एक्ट': बाजार में उथल-पुथल के बीच इन शेयरों पर लगाया बड़ा दांव



मार्च तिमाही, जब भारतीय शेयर बाजार ने भारी अस्थिरता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव झेला, देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने एक विपरीत रणनीति अपनाई। LIC ने इसी अवधि के दौरान ₹47,000 करोड़ से अधिक के शेयरों की खरीदारी कर बाजार को महत्वपूर्ण सहारा प्रदान किया।


वर्तमान में LIC के पोर्टफोलियो में कुल 351 स्टॉक शामिल हैं। मार्च तिमाही में, LIC ने सक्रिय रूप से 105 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, जिसमें 13 नए स्टॉक में किया गया निवेश भी शामिल है। इसके विपरीत, कंपनी ने 86 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, और 15 कंपनियों के शेयरहोल्डिंग डेटा से उसका नाम पूरी तरह से गायब हो गया, या तो पूरी हिस्सेदारी बेच दी गई या हिस्सेदारी 1% से कम हो गई।


Hero MotoCorp और Reliance बने LIC के शीर्ष पसंदीदा:


LIC का सबसे बड़ा निवेश हीरो मोटोकॉर्प में रहा। बीमा कंपनी ने मार्च तिमाही में इस ऑटोमोबाइल कंपनी में ₹4,968 करोड़ का निवेश किया, जिससे उसकी हिस्सेदारी 5.53% से बढ़कर प्रभावशाली 11.84% हो गई। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान रहा, जिसमें LIC ने ₹3,675 करोड़ का निवेश किया और अपनी हिस्सेदारी 6.52% से बढ़ाकर 6.74% कर ली।


अन्य प्रमुख कंपनियों जिनमें LIC ने महत्वपूर्ण निवेश किया उनमें लॉर्सन एंड टुब्रो (L&T) (₹2,975 करोड़), एशियन पेंट्स (₹2,466 करोड़), हिंदुस्तान यूनिलीवर (₹2,361 करोड़), बजाज ऑटो (₹1,983 करोड़), एसबीआई (₹1,652 करोड़), पतंजलि फूड्स (₹1,638 करोड़), टाटा मोटर्स (₹1,578 करोड़), मारुति सुजुकी (₹1,493 करोड़), एचसीएल टेक (₹1,441 करोड़) और इंद्रप्रस्थ गैस (₹1,333 करोड़) शामिल हैं।


इसके अतिरिक्त, LIC ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, नेस्ले इंडिया, LTI माइंडट्री, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और आईटीसी में भी अपनी हिस्सेदारी ₹1,000 करोड़ से अधिक बढ़ाई।


13 नए शेयरों पर LIC का भरोसा:

मार्च तिमाही में LIC ने 13 नए शेयरों में भी निवेश किया। इस सूची में सबसे बड़ा निवेश REC में किया गया, जहां बीमा कंपनी ने ₹1,815 करोड़ में 1.05% हिस्सेदारी खरीदी। इसके बाद जिंदल स्टेनलेस और केपीआईटी टेक्नोलॉजीज रहे, जिनमें क्रमशः लगभग ₹640 करोड़ और ₹485 करोड़ का निवेश किया गया।

अन्य नए शेयरों में पंजाब एंड सिंध बैंक, बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज, जेटीएल इंडस्ट्रीज, एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स, कालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स, एवलॉन टेक्नोलॉजीज, जय कॉर्प, बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग और प्रवेग शामिल हैं। आईटीसी लिमिटेड से अलग होने के बाद, बीमा कंपनी को आईटीसी होटल्स के ₹3,325 करोड़ मूल्य के अतिरिक्त शेयर भी मिले, जो 9.22% हिस्सेदारी के बराबर है।

बाजार की अस्थिरता के बीच LIC की यह भारी खरीदारी भारतीय इक्विटी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण स्थिरता कारक के रूप में उभरी है, जो दीर्घकालिक निवेश के प्रति उसके विश्वास को दर्शाती है।

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