Iware IPO का निराशाजनक डेब्यू: लिस्टिंग पर ही लोअर सर्किट, निवेशकों का मुनाफा हुआ काफूर
Iware IPO का निराशाजनक डेब्यू: लिस्टिंग पर ही लोअर सर्किट, निवेशकों का मुनाफा हुआ काफूर
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की कंपनी आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज के शेयरों की आज घरेलू शेयर बाजार में उम्मीदों के विपरीत डिस्काउंट पर कमजोर शुरुआत हुई। जबकि कंपनी का IPO कुल मिलाकर 2 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था, निवेशकों को लिस्टिंग गेन की उम्मीद धराशायी हो गई।
NSE SME पर आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज के शेयरों की लिस्टिंग ₹85.05 पर हुई, जबकि IPO का निर्गम मूल्य ₹95 प्रति शेयर था। इसका मतलब है कि IPO निवेशकों को लिस्टिंग पर ही 10.47% का नुकसान उठाना पड़ा। निवेशकों को तब और बड़ा झटका लगा जब शेयर में और गिरावट आई और यह ₹80.80 के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। इस स्तर पर, IPO निवेशक अपनी निवेशित पूंजी का 13.68% खो चुके हैं। अपर सर्किट की उम्मीदें भी अब धूमिल हो गई हैं, क्योंकि शेयर में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है।
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग:
आईवेयर सप्लाई चेन सर्विसेज का ₹27.13 करोड़ का IPO 28 से 30 अप्रैल तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसे 2.96 गुना सब्सक्राइब किया गया था। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 3.28 गुना भरा था। इस IPO के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28.56 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। कंपनी ने IPO से जुटाई गई धनराशि का उपयोग नया औद्योगिक शेड बनाने (₹14.06 करोड़), कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने (₹6.8 करोड़) और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने की योजना बनाई है।
आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज का कारोबार:
2018 में स्थापित, आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज एक एकीकृत लॉजिस्टिक्स कंपनी है जो वेयरहाउसिंग, परिवहन, रेक हैंडलिंग, व्यावसायिक सहायक सेवाएं और किराये की आय जैसी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी का परिचालन गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में फैला हुआ है। जनवरी 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के बेड़े में वित्तीय वर्ष 2022 में 15 वाहनों से बढ़कर अब 47 वाहन शामिल हैं, जिनमें 15 खुले बॉडी वाले ट्रक (22 फीट) और 32 कंटेनर (32 फीट) शामिल हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति:
वित्तीय रूप से, आईवेयर सप्लाईचेन सर्विसेज ने लगातार सुधार दिखाया है। कंपनी का शुद्ध लाभ वित्तीय वर्ष 2023 में ₹42 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024 में ₹4.17 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2025 में ₹8.02 करोड़ हो गया। इसी अवधि के दौरान, कंपनी का राजस्व सालाना 40% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹86.11 करोड़ तक पहुंच गया।
हालांकि कंपनी के वित्तीय आंकड़े सकारात्मक दिखते हैं, लेकिन IPO की निराशाजनक लिस्टिंग ने निवेशकों को निराश किया है। लिस्टिंग पर तेज गिरावट और लोअर सर्किट लगने से निवेशकों के मुनाफे की उम्मीदें फिलहाल खत्म हो गई हैं। अब देखना होगा कि शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन आगे कैसा रहता है।
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