IndusInd Bank: एक और 'खाते की गड़बड़ी' की आंच, खुलासे के बाद शेयरों में 3% की गिरावट

IndusInd Bank: एक और 'खाते की गड़बड़ी' की आंच, खुलासे के बाद शेयरों में 3% की गिरावट



प्राइवेट सेक्टर के ऋणदाता इंडसइंड बैंक के शेयरों में गुरुवार को एक और संभावित अकाउंटिंग अनियमितता की जांच शुरू होने की खबरों के बाद गिरावट दर्ज की गई। हिंदुजा समूह के नियंत्रण वाले इस बैंक का आंतरिक लेखा परीक्षा विभाग पहले से ही कई अकाउंटिंग रिवर्सल की जांच कर रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बार 'अन्य संपत्तियां' और 'अन्य देनदारियां' से संबंधित एंट्री में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए गए हैं, जिन्हें बैंक के वित्तीय विवरणों में परिचालन व्यय के रूप में दिखाया गया है।


नई जांच का दायरा:

पहले के खुलासे, जो मुख्य रूप से डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में अकाउंटिंग अनियमितताओं से संबंधित थे, के विपरीत, इस बार की जांच बैंक के वित्तीय विवरणों में परिचालन व्यय के तहत दर्ज 'अन्य संपत्तियां' और 'अन्य देनदारियां' से जुड़ी एंट्री में संभावित विसंगतियों पर केंद्रित है। यह व्हिसलब्लोअर पत्र तब बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन तक पहुंचा, जब कुछ ही दिन पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सीईओ सुमंत कठपालिया के कार्यकाल को 6 मार्च को एक साल के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी थी। हालांकि, डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में अकाउंटिंग गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए, कठपालिया ने 29 अप्रैल 2025 से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था।


पहले भी सामने आई थी अकाउंटिंग गड़बड़ी:

बैंक ने आरबीआई की मंजूरी के तुरंत बाद अकाउंटिंग कमियों का खुलासा किया था, जिसमें वित्त वर्ष 2025 के वित्तीय नतीजों पर ₹1,960 करोड़ के संभावित झटके का अनुमान लगाया गया था। बाद में, बैंक द्वारा नियुक्त बाहरी लेखा परीक्षक ने ₹1,959.98 करोड़ के झटके की पुष्टि की थी। बैंक ने अभी तक मार्च तिमाही के कारोबारी आंकड़े जारी नहीं किए हैं।


शेयरों की एक साल की चाल:

पिछले एक साल में इंडसइंड बैंक के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 19 जून 2024 को शेयर ₹1550.00 के एक साल के उच्च स्तर पर थे। इसके बाद गिरावट आई और 12 मार्च 2025 को शेयर ₹605.40 के एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए, जो उच्च स्तर से 60.94 फीसदी से अधिक की गिरावट थी। निचले स्तरों से शेयर में 27 फीसदी से अधिक की रिकवरी हुई है, लेकिन यह अभी भी अपने एक साल के उच्च स्तर से लगभग 50 फीसदी नीचे है।

इंडसइंड बैंक में एक और अकाउंटिंग जांच की खबर निवेशकों की चिंताएं बढ़ा सकती है और शेयर की कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती है। निवेशकों को बैंक द्वारा इस मामले पर आगे किए जाने वाले खुलासों पर नजर रखनी होगी।

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