ऑपरेशन सिंदूर: भारत की परिपक्व प्रतिक्रिया से निवेशकों का विश्वास बढ़ा
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की परिपक्व प्रतिक्रिया से निवेशकों का विश्वास बढ़ा
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम और अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की सकारात्मक खबरों के चलते बाजार में तेज उछाल देखने को मिला। निफ्टी में लगभग 700 अंकों और बैंक निफ्टी में 1500 अंकों की तेजी आई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार वृद्धि दर्ज हुई, जबकि डर का सूचक कहे जाने वाले इंडिया VIX में करीब 20% की गिरावट आई। आईटी, रियल्टी, फाइनेंस, मेटल और कैपिटल गुड्स जैसे क्षेत्रों के शेयरों में सबसे अधिक तेजी रही, इन सभी सेक्टर इंडेक्सों में तीन से चार प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। ऑटो, सरकारी बैंक और एफएमसीजी शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया। हालांकि, अमेरिका में ट्रंप के नए दवा मूल्य नियंत्रण आदेश के बाद फार्मा इंडेक्स में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे दवा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
आज दोपहर 12 बजे भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ (महानिदेशक सैन्य संचालन) के बीच बातचीत निर्धारित है। इस बीच, भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और यदि पाकिस्तान युद्धविराम का उल्लंघन करता है, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। हालांकि, कल रात सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनी रही। सकारात्मक घटनाक्रम में, देश के 32 हवाई अड्डों के संचालन को फिर से मंजूरी मिल गई है, और NOTAMs (नोटिस टू एयरमेन) के आदेश वापस ले लिए गए हैं, जिससे हवाई यातायात सामान्य होने की उम्मीद है।
बाजार की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, कोटक एएमसी के नीलेश शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने जिस परिपक्वता का प्रदर्शन किया है, उससे निवेशकों के मन में भारत की साख और बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि बड़े निवेशक अब भारत का रुख करेंगे, क्योंकि देश एक महत्वपूर्ण वैश्विक नेता के रूप में उभर रहा है। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को रक्षा क्षेत्र में निवेश करते समय मूल्यांकन पर ध्यान देने की सलाह दी, क्योंकि कई रक्षा शेयरों का मूल्यांकन काफी महंगा दिख रहा है।
नीलेश शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय बाजार ने अपेक्षाकृत स्थिरता दिखाई है। ऑपरेशन सिंदूर के प्रति भारत की संयमित और लक्षित प्रतिक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है, जिससे निवेशकों के बीच यह संदेश गया है कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता को भी महत्व देता है। यह परिपक्व दृष्टिकोण निश्चित रूप से दीर्घकालिक निवेशकों को आकर्षित करेगा और भारतीय अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित ताकत को प्रदर्शित करेगा।
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