ट्रम्प टैरिफ का '900 मिलियन डॉलर' झटका: एपल सीईओ टिम कुक ने किया लागत वृद्धि का खुलासा

ट्रम्प टैरिफ का '900 मिलियन डॉलर' झटका: एपल सीईओ टिम कुक ने किया लागत वृद्धि का खुलासा


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा आयातित सामानों पर लगाए गए नए टैरिफ एपल के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय चुनौती पेश कर रहे हैं। कंपनी के सीईओ टिम कुक ने खुलासा किया है कि इन टैरिफों के कारण चालू अप्रैल-जून तिमाही में एपल की लागत में अनुमानित रूप से 900 मिलियन डॉलर की वृद्धि होगी।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, तिमाही वित्तीय परिणामों की घोषणा के बाद एक कॉन्फ्रेंस कॉल में टिम कुक ने विश्लेषकों को संबोधित करते हुए कहा, "हमारा अनुमान है कि टैरिफ के कारण हमारी लागत में 900 मिलियन डॉलर की वृद्धि होगी।" यह बयान एपल पर ट्रम्प की व्यापार नीतियों के बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

हालांकि, कुक ने इस बात पर जोर दिया कि इस अनुमान को भविष्य की तिमाहियों के लिए एक बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में कुछ विशिष्ट कारक शामिल हैं जो कंपनी को कुछ हद तक लाभ पहुंचा सकते हैं, लेकिन उन्होंने इन कारकों का विस्तृत विवरण नहीं दिया। उनकी यह चेतावनी बताती है कि भविष्य में टैरिफ का प्रभाव और अधिक अप्रत्याशित हो सकता है।

इस बीच, एपल ने यह भी स्वीकार किया कि चीन में उसकी बिक्री विश्लेषकों की उम्मीदों से कम रही। कंपनी के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में चीन से एपल का राजस्व 2.3 प्रतिशत गिरकर 16 अरब डॉलर हो गया। विश्लेषकों ने 16.83 अरब डॉलर के राजस्व का अनुमान लगाया था, जिससे यह कमी चिंता का विषय बन गई है। चीन एपल के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, और वहां बिक्री में गिरावट कंपनी के समग्र प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

इसके विपरीत, मार्च तिमाही में एपल का कुल राजस्व सालाना आधार पर 5.12 प्रतिशत बढ़कर 95.40 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 90.75 अरब डॉलर था। यह समग्र राजस्व वृद्धि अन्य बाजारों में मजबूत प्रदर्शन या अन्य उत्पाद लाइनों में वृद्धि के कारण हो सकती है, जो चीन में बिक्री में गिरावट को आंशिक रूप से ऑफसेट करती है।

टिम कुक का यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ रहा है और कई कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को पुनर्गठित करने के लिए मजबूर हो रही हैं। एपल, जो चीन में अपने अधिकांश उत्पादों का निर्माण करता है, ट्रम्प के टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार रणनीतियां तलाश रहा है। भविष्य में कंपनी की लाभप्रदता और विकास पर टैरिफ और चीन में बिक्री की सुस्ती का कितना असर होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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