पूर्वोत्तर में रिलायंस का मेगा इनवेस्टमेंट: मुकेश अंबानी ने किया ₹75,000 करोड़ का ऐलान, क्षेत्र का होगा कायाकल्प!
पूर्वोत्तर में रिलायंस का मेगा इनवेस्टमेंट: मुकेश अंबानी ने किया ₹75,000 करोड़ का ऐलान, क्षेत्र का होगा कायाकल्प!
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक बड़ी आर्थिक क्रांति की शुरुआत हो गई है! रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 'राइजिंग नॉर्थ-ईस्ट इन्वेस्टर समिट 2025' में इस क्षेत्र में अगले पांच सालों में ₹75,000 करोड़ के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है। यह पिछले चार दशकों में रिलायंस द्वारा इस क्षेत्र में किए गए ₹30,000 करोड़ के निवेश का दोगुना से भी ज़्यादा है, जो पूर्वोत्तर के प्रति कंपनी की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए इस महत्वपूर्ण समिट में बोलते हुए, मुकेश अंबानी ने पूर्वोत्तर को 'सिंगापुर, मलेशिया और वियतनाम' जैसे सफल एशियाई देशों की तर्ज पर विकसित करने की अपनी परिकल्पना प्रस्तुत की।
रिलायंस की निवेश योजना: बहुआयामी विकास का खाका
अंबानी ने अपने संबोधन में कई प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया जहां रिलायंस अपना निवेश केंद्रित करेगा:
डिजिटल कनेक्टिविटी: जियो (Jio) अपने नेटवर्क कवरेज का विस्तार करेगा, जिसका लक्ष्य पूर्वोत्तर की 90% आबादी को कवर करना है। वर्तमान में, क्षेत्र में 5 मिलियन से अधिक 5G सब्सक्राइबर हैं, और इस संख्या को इस साल दोगुना करने की योजना है। जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्रांतिकारी शक्ति को स्कूलों, अस्पतालों, उद्यमों और घरों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
रिटेल विस्तार: रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) पूर्वोत्तर क्षेत्र से कृषि उपज, फल और सब्जियों की खरीद को बड़े पैमाने पर बढ़ाएगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। कंपनी इस क्षेत्र में उच्च-गुणवत्ता वाले एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों के लिए नई फैक्ट्रियां भी स्थापित करेगी और स्थानीय हस्तकला और कारीगर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी।
सौर ऊर्जा: रिलायंस पूर्वोत्तर में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश करेगा, जिससे क्षेत्र के सतत ऊर्जा विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। प्रधानमंत्री के 'वेस्ट टू वेल्थ' (Waste to Wealth) के दृष्टिकोण के अनुरूप, कंपनी इस क्षेत्र की विशाल बंजर भूमि को 'संपदा भूमि' में बदलने के लिए 350 एकीकृत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र स्थापित करेगी।
स्वास्थ्य सेवा: स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में, रिलायंस ने पहले ही मणिपुर में 150 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल बनाया है। रिलायंस फाउंडेशन मिजोरम विश्वविद्यालय के साथ जीनोमिक डेटा का उपयोग करके स्तन कैंसर के इलाज पर सहयोग कर रहा है। गुवाहाटी में, उन्होंने एक उन्नत मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड रिसर्च लैब भी बनाई है, जो भारत की सबसे बड़ी जीनोम सीक्वेंसिंग क्षमताओं में से एक होगी।
खेल प्रतिभा प्रोत्साहन: रिलायंस फाउंडेशन पूरे पूर्वोत्तर में ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगा, ताकि भविष्य के पदक विजेताओं को तैयार किया जा सके।
पूर्वोत्तर: विश्वस्तरीय प्रतिभा और विकास की अपार संभावनाएँ
मुकेश अंबानी ने पूर्वोत्तर राज्यों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विश्वस्तरीय टैलेंट मौजूद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्वोत्तर का विकास सिंगापुर, मलेशिया और वियतनाम जैसे देशों की तरह किया जाएगा। यह निवेश न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि अनुमान है कि यह 2.5 मिलियन से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस इन्वेस्टर समिट का उद्घाटन किया, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस समिट का उद्देश्य पूर्वोत्तर में निवेश की संभावनाओं को तलाशना और निवेशकों की दिलचस्पी को और बढ़ाना है।
रिलायंस का यह महत्वाकांक्षी निवेश पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो इसे भारत के विकास इंजन का एक अभिन्न अंग बनाने में मदद करेगा।

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