5G ग्राहकों के लिए 'गुड न्यूज़': सरकार का नया 'स्पेक्ट्रम प्लान', 6GHz बैंड की नीलामी से बढ़ेगी इंटरनेट स्पीड!

5G ग्राहकों के लिए 'गुड न्यूज़': सरकार का नया 'स्पेक्ट्रम प्लान', 6GHz बैंड की नीलामी से बढ़ेगी इंटरनेट स्पीड!



भारत सरकार 5G कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। 6 गीगाहर्ट्ज़ (GHz) स्पेक्ट्रम के आधे हिस्से को पहले ही डी-लाइसेंस करने के बाद, अब दूरसंचार विभाग (DoT) शेष हिस्से की नीलामी की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, DoT ने इस महत्वपूर्ण नीलामी की शर्तों पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से राय मांगी है, जिसका सीधा फायदा 5G उपभोक्ताओं को मिलने वाला है।


सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि DoT ने TRAI से 6GHz स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए सिफारिशें मांगी हैं, जिसमें नीलामी की शर्तें और इसका बेस प्राइस (आधार मूल्य) क्या होना चाहिए, इस पर विस्तृत राय शामिल है।


TRAI का कंसल्टेशन पेपर और स्टेकहोल्डर्स की राय

सूत्रों के मुताबिक, TRAI अगले हफ्ते इस मुद्दे पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी करेगा। इस पेपर के माध्यम से TRAI सभी स्टेकहोल्डर्स, जिनमें टेलीकॉम कंपनियां और अन्य उद्योग के खिलाड़ी शामिल हैं, से उनकी राय जानेगा। इसमें मुख्य रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा कि किन शर्तों के आधार पर इस स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाए और इसका उचित आधार मूल्य क्या होना चाहिए। उम्मीद है कि अगले 2-3 महीनों में ये सारी शर्तें तय हो जाएंगी और TRAI अपनी सिफारिशें DoT को भेज देगा। इसके बाद सरकार स्पेक्ट्रम की नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगी।


कितनी स्पेक्ट्रम की होगी नीलामी? 5G स्पीड को मिलेगा बूस्ट!

जानकारी के अनुसार, लगभग 600 मेगाहर्ट्ज़ (Mhz) स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी। विशेष रूप से, 6425 से लेकर 7025 मेगाहर्ट्ज़ तक के स्पेक्ट्रम पर राय मांगी गई है।

सरकार ने हाल ही में 6 GHz Band Spectrum के कुछ हिस्से (5925–6425 MHz) को इनडोर इस्तेमाल के लिए बिना लाइसेंस के इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी किए थे। इस कदम का लक्ष्य Wi-Fi 6E और Wi-Fi 7 जैसी अगली पीढ़ी की वाई-फाई तकनीकों को बढ़ावा देना है, जिससे तेज रफ्तार और बिना रुकावट की CONNECTIVITY मिल सके। इस फैसले से 500 MHz अतिरिक्त स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा, जिससे वाई-फाई नेटवर्क की गति और क्षमता में सुधार होगा।

अब बाकी बचे हिस्से की नीलामी से टेलीकॉम कंपनियों को अपने 5G नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर मिलेगा। इससे 5G नेटवर्क की स्पीड में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर, निर्बाध इंटरनेट अनुभव मिलेगा। यह कदम भारत को डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में और भी आगे ले जाएगा और 'डिजिटल इंडिया' के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

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