अदाणी ग्रीन एनर्जी की चौथी तिमाही में शानदार उछाल, मुनाफा 25% बढ़ा, शीर्ष नेतृत्व बरकरार

 अदाणी ग्रीन एनर्जी की चौथी तिमाही में शानदार उछाल, मुनाफा 25% बढ़ा, शीर्ष नेतृत्व बरकरार



अदाणी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा, अदाणी ग्रीन एनर्जी, ने पिछले वित्तीय वर्ष 2025 की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी ने समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर प्रभावशाली 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की, और इसकी कुल आय में भी 15 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। नतीजों की घोषणा से पहले, कंपनी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 3.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹940.20 पर बंद हुआ था। कंपनी ने सोमवार, 28 अप्रैल को बाजार बंद होने के बाद देर रात अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की।


अदाणी ग्रीन एनर्जी परिणाम: मुख्य बातें


मार्च तिमाही में, Adani Green Energy का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर उल्लेखनीय रूप से 25.54% बढ़कर ₹383 करोड़ हो गया। इसी अवधि में, company की कुल आय भी ₹2,841 Cr से 15.38% बढ़कर ₹3,278 Cr तक पहुंच गई। पूरे वित्तीय वर्ष 2025 की बात करें तो, कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर ₹1,260 करोड़ से 58.81 % बढ़कर ₹2,001 करोड़ हो गया, और कुल आय भी ₹10,521 करोड़ से बढ़कर ₹12,422 करोड़ हो गई।


वित्तीय परिणामों के अलावा, नामांकन और पारिश्रमिक समिति की सिफारिशों के बाद बोर्ड ने विनीत जैन को अगले पांच वर्षों के लिए फिर से प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 10 जुलाई, 2025 से प्रभावी होगा। इसके अतिरिक्त, रमिंदर सिंह गुजराल भी 10 जुलाई से तीन साल की अवधि के लिए दूसरी बार स्वतंत्र निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। कंपनी के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रीन एनर्जी देश के नवीकरणीय ऊर्जा विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025 में अपनी ग्रीनफील्ड क्षमता में 3.3 गीगावाट जोड़ा है। पिछले वित्तीय वर्ष में देश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि में अदाणी ग्रीन एनर्जी का योगदान 16 प्रतिशत और पवन ऊर्जा वृद्धि में 14 प्रतिशत रहा। यह मजबूत प्रदर्शन कंपनी की विकास गति और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उसके बढ़ते प्रभुत्व को दर्शाता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

माइक्रोसॉफ्ट की 'रीऑर्गेनाइजेशन': 6,000 कर्मचारियों की छंटनी पर सत्या नडेला ने तोड़ी चुप्पी, AI बना मुख्य वजह!

डॉलर की कमजोरी के बावजूद रुपया क्यों नहीं हो रहा मजबूत? RBI की रणनीति बनी रहस्य!

IPO से पहले Lenskart को 'सुपर-विजन': फिडेलिटी ने $6.1 अरब पर आंका वैल्यूएशन, क्या है खास?